तिजारा फाटक पर युवक ने साबरमती ट्रेन के आगे बैठकर दी जान, कई दिनों से दे रहा था सुसाइड की धमकी
अलवर जीआरपी थाना क्षेत्र के तिजारा फाटक के पास बुधवार दोपहर एक दर्दनाक घटनाक्रम में युवक ने साबरमती एक्सप्रेस के आगे बैठकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान लोकेश पुत्र प्रकाश, निवासी चांदपुर मुंडावर के रूप में हुई है, जो अलवर की एक निजी अस्पताल में नर्सिंग कर्मी के रूप में कार्यरत था।
जानकारी के अनुसार लोकेश हेलमेट लगाकर रेल पटरी पर बैठ गया और ट्रेन के करीब आते ही खुद को ट्रैक पर झोंक दिया। टक्कर लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना स्थल से उसका मोबाइल, हेलमेट और करीब 50 मीटर दूरी पर खड़ी स्कूटी बरामद की गई। मोबाइल फोन के जरिए ही उसकी पहचान संभव हो पाई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि लोकेश पिछले कई दिनों से अपनी पत्नी कुसुम लता—जो मालाखेड़ा के सरकारी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन है—को वीडियो कॉल पर आत्महत्या की धमकी दे रहा था। वह बार-बार ट्रेन और रेल पटरी दिखाते हुए जान देने की बात करता था। बुधवार को उसने यह कदम सचमुच उठाते हुए ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर जीआरपी और शिवाजी पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
जीआरपी के हेड कांस्टेबल बालू राम मीणा ने बताया कि मृतक अपने परिवार में सबसे छोटा था और उसके एक 5 साल का बेटा भी है। उसके पिता सरकारी प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि लोकेश कई दिनों से आत्महत्या की धमकी देता आ रहा था।
फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है और जीआरपी मामले की जांच कर रही है।