“माहौल बिगाड़ने की साजिश” – शत्रुघ्न सिन्हा ने बाबरी मस्जिद विवाद को बताया चुनावी हथकंडा…
पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के नाम पर हो रही गतिविधियों को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने इस पूरे मामले को राजनीतिक चाल बताते हुए इसे चुनाव से पहले माहौल खराब करने की कोशिश करार दिया है।
🔥 बाबरी मस्जिद पर भीड़ जुटाना “राजनीतिक दांव” – सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि
मंदिर–मस्जिद जैसे मुद्दों की आड़ में भीड़ जुटाना और तनाव पैदा करना किसी धर्म का नहीं, बल्कि राजनीति का खेल है।
उन्होंने कहा कि
“आज जरूरत है बहस की नहीं, बल्कि भाईचारे और सद्भावना की। बाबरी मस्जिद के नाम पर जो कुछ हो रहा है, वह पूरी तरह माहौल बिगाड़ने की कोशिश है।”
🟢 “बीजेपी को करारा जवाब देगी बंगाल की जनता”
शत्रुघ्न सिन्हा ने दावा किया कि:
- ममता बनर्जी की योजनाएं जमीन स्तर पर असरदार हैं
- जनता उनके काम से संतुष्ट है
- यही वजह है कि आगामी चुनाव में बीजेपी को बंगाल में कड़ा संदेश मिलेगा
उन्होंने कहा कि
“बंगाल की जनता समझदार है और वोट के जरिए सही जवाब देगी।”
📍 मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद शिलान्यास बना विवाद की जड़
इस बयान से पहले पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र में बाबरी मस्जिद की नींव का पत्थर (शिलान्यास) रखा गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन:
- निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर ने किया
- हजारों की संख्या में लोग पहुंचे
- जमकर नारेबाज़ी हुई
यह कार्यक्रम 6 दिसंबर 1992 को हुए बाबरी विध्वंस की 33वीं बरसी के दिन रखा गया, जिससे पूरे इलाके में संवेदनशील हालात बन गए।
🚨 राज्य में बढ़ा सांप्रदायिक तनाव, भारी सुरक्षा तैनात
इस आयोजन के बाद:
- पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया गया
- भारी पुलिस बल की तैनाती की गई
- प्रशासन ने हालात पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी
वहीं, TMC ने इस आयोजन से खुद को अलग करते हुए हुमायूं कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया।
💰 “80 करोड़ की मदद मिलने का दावा” – हुमायूं कबीर का बड़ा बयान
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हुमायूं कबीर ने दावा किया कि:
- मस्जिद निर्माण के लिए 25 बीघा जमीन उनके पास मौजूद है
- निर्माण के लिए उन्हें सरकार से एक रुपया भी नहीं चाहिए
- उन्हें 80 करोड़ रुपये की निजी मदद मिलने की सहमति मिल चुकी है
उन्होंने कहा:
“मैं दानदाता का नाम नहीं लूंगा, लेकिन सरकारी पैसा लिया तो मस्जिद की पवित्रता खत्म हो जाएगी।”
🧠 राजनीतिक : आस्था बनाम चुनावी रणनीति
इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि:
- धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक फायदे के लिए फिर से हवा दी जा रही है
- चुनाव नजदीक आते ही संवेदनशील मुद्दों पर टकराव बढ़ रहा है
- TMC और BJP के बीच टकराव और तीखा होता दिख रहा है
शत्रुघ्न सिन्हा का बयान इस बात का संकेत है कि TMC अब इस मुद्दे को सीधे चुनावी साजिश के रूप में पेश कर रही है।