“ओसियां में अनोखी शादी: बारातियों को गीता, तलवार और भारत माता की तस्वीर”
राष्ट्रभावना से सराबोर अनूठा विवाह समारोह देखने को मिला ,जोधपुर के ओसियां क्षेत्र में एक पारंपरिक विवाह समारोह ने समाज के सामने अद्वितीय उदाहरण पेश किया। यहां वैवाहिक रस्मों के बीच राष्ट्रीय भावना, सांस्कृतिक मूल्यों और सनातन परंपरा का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र में यह आयोजन चर्चा का विषय बना दिया।
ओसियां में अनोखी पहल—बारातियों को मिली गीता, तलवार और भारत माता की तस्वीर
राष्ट्रीय गौरव के साथ सम्पन्न हुआ विवाह समारोह
ओसियां के इंदों की ढाणी प्रथम (भीकमकोर) गांव में समाजसेवी और भामाशाह सूबेदार मेजर किशनसिंह इंदा की पुत्री शोभा कंवर का विवाह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में पारंपरिक रस्मों के साथ राष्ट्रभावना का अनूठा स्पर्श देखने को मिला।
बारातियों को दिया गया ‘शस्त्र–शास्त्र’ का अद्भुत संगम
इस विवाह की खासियत रही कि सभी बारातियों को गीता, पारंपरिक तलवार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर आधारित भारत माता की तस्वीर और ‘पंच परिवर्तन’ पुस्तक भेंट की गई। यह पहल सनातन संस्कृति में वर्णित ‘शस्त्र और शास्त्र’ दोनों को साथ रखने की परंपरा को जीवंत करती है।
समाज ने दी पहल को सराहना—राष्ट्रभावना को मिला नई ऊर्जा
क्षेत्रवासियों ने इस अभिनव प्रयास की खुलकर सराहना की। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक जुड़ाव और परंपरागत मूल्यों के प्रति सम्मान बढ़ता है।
भारतीय परंपरा का संदेश—जहां शस्त्र की शक्ति, वहीं शास्त्र का संस्कार
समारोह में यह स्पष्ट संदेश गया कि भारतीय सभ्यता में शस्त्र वीरता और सुरक्षा का प्रतीक है, वहीं शास्त्र ज्ञान और धर्म का आधार। दोनों का यह संतुलन समाज में आदर्श मूल्यों के संरक्षण का मार्ग दिखाता है।