संसद में सियासी संग्राम तेज—SIR विवाद और वोट चोरी के आरोप पर जमकर हुआ हंगामा, दोनों सदनों की कार्यवाही ठप
संसद के शीतकालीन सत्र पूरी तरह राजनीतिक घमासान में डूबा हुआ है । विपक्ष लगातार SIR विवाद, संचार साथी ऐप और वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार को घेरने में जुटा है, जिसके चलते लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक कार्यवाही बाधित रही। आइए जानते हैं संसद में कौन कौन से मुद्दे छाए हुए है …
लोकसभा में एक बार फिर हंगामा—मुख्य मुद्दों पर विपक्ष का मोर्चा
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। कई सांसद वेल तक पहुंच गए और “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे लगाए। बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। विपक्ष SIR मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर अडिग है।
राज्यसभा भी हंगामे की भेंट—SIR और संचार साथी ऐप बने विवाद के केंद्र में
उच्च सदन में भी SIR को लेकर तीखी नारेबाजी हुई। कई विपक्षी सदस्य संचार साथी ऐप को लेकर भी सरकार पर हमलावर रहे। लगातार बाधा के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष का आरोप है कि SIR से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में दखल की आशंका पैदा होती है।
मकर द्वार पर विपक्ष का प्रदर्शन—दूसरे दिन भी सड़क से सदन तक विरोध
सत्र शुरू होने से पहले सुबह 10:30 बजे विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने SIR को तत्काल बंद करने और इस पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि यह मुद्दा लोकतंत्र की पारदर्शिता से सीधे जुड़ा है और इसे दबाया नहीं जा सकता।
संचार साथी ऐप पर सरकार डिफेंसिव—सिंधिया ने दी सफाई
संचार साथी ऐप विवाद पर सरकार पहली बार बचाव की मुद्रा में दिखी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऐप अनिवार्य नहीं है और कोई भी यूज़र चाहें तो उसे डिलीट कर सकता है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि यह ऐप फोन डेटा की निगरानी से जुड़ा हो सकता है, जबकि सरकार इसे खारिज कर रही है।
राजनीतिक तापमान चढ़ा—विपक्ष vs सरकार टकराव अब और तीखा
SIR विवाद और वोट चोरी के आरोपों के चलते शीतकालीन सत्र का अधिकांश समय हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। यह तनातनी जल्द खत्म होती नजर नहीं आ रही—क्योंकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े बड़े मुद्दे के रूप में पेश कर रहा है, वहीं सरकार इसे विपक्ष की राजनीति करार दे रही है।