“राजस्थान सरकार का दो साल—मंत्री झाबर सिंह खर्रा का दावा, उपलब्धियां दमदार और चुनाव को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार”
डूंगरपुर प्रवास पर पहुंचे प्रदेश के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सरकार के दो साल के कामकाज को प्रभावी बताते हुए कहा कि राज्य “वन स्टेट वन इलेक्शन” मॉडल के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने चुनाव को लेकर आयोगों और हाईकोर्ट के निर्णय को अंतिम आधार बताया। साथ ही कई विकास योजनाओं और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
डूंगरपुर में यूडीएच मंत्री का दौरा, योजनाओं का किया लोकार्पण
डूंगरपुर शहर में मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत निर्मित फ्लैट्स का लोकार्पण करने के बाद यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा मीडिया से मुखातिब हुए। मंत्री के दौरे के दौरान शहर में विकास कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया गया।
“वन स्टेट वन इलेक्शन” पर सरकार तैयार — झाबर सिंह खर्रा
मंत्री खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार एक राज्य—एक चुनाव को लागू करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। उन्होंने बताया कि स्वायत्त शासन विभाग ने सितंबर माह तक आवश्यक स्तर के सभी कार्य पूरे कर लिए हैं। अंतिम निर्णय अब राज्य पिछड़ा आयोग, निर्वाचन आयोग और हाईकोर्ट के हाथ में है।
उन्होंने स्पष्ट कहा—”जिस दिन ये तीनों संस्थाएं चुनाव की तिथि तय कर देंगी, उसी दिन चुनाव हो जाएंगे।”
दो साल की उपलब्धियों का बखान, कांग्रेस पर तीखे तंज
यूडीएच मंत्री ने सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर विभिन्न उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में विकास कार्यों की गति तेज हुई है, शहरी बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है और योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचा है।
इसी दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने कई अटके कार्यों को गति दी है और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है।
शहरी विकास और आवास योजनाओं पर सरकार का फोकस
खर्रा ने बताया कि जन आवास योजना सहित कई शहरी विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं से आमजन को सीधा लाभ मिला है और शहरों में सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
क्या संकेत देती है मंत्री की टिप्पणी?
मंत्री झाबर सिंह खर्रा के बयान साफ संकेत देते हैं कि राज्य सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ मॉडल के पक्ष में है और प्रशासनिक स्तर पर तैयारी भी पूरी है। इससे न सिर्फ राजनीतिक माहौल में हलचल बढ़ी है, बल्कि आगामी चुनावी समय-सीमा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
साथ ही, सरकार की दो साल की उपलब्धियों का हवाला देकर मंत्री ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि मौजूदा प्रशासन विकास और पारदर्शिता के एजेंडे पर काम कर रहा है।