छह माह से बंद बाला किला मार्ग: पर्यटकों की रौनक पर विराम, विभागो की सुस्ती से बढ़ी चिंता…
अलवर।
सरिस्का के बाला किला बफर क्षेत्र में पिछले करीब छह महीनों से पर्यटकों का प्रवेश बंद है। बाला किला से करणी माता मंदिर तक जाने वाला मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण वन विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से इस रास्ते को बंद कर रखा है। इस क्षेत्र में करणी माता मंदिर, चक्रधारी हनुमान मंदिर सहित कई ऐतिहासिक स्थलों के होने से यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही रहती थी, लेकिन सड़क धंसने के बाद किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए आवाजाही को रोक दिया गया। इससे श्रद्धालुओं और सैलानियों में निराशा बनी हुई है।
हाल के वर्षों में सरिस्का बफर जोन का बाला किला क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया था। यहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे थे और टाइग्रेस 2302 अपने शावकों के साथ अक्सर दिखाई देने लगी, जिससे बाघों की साइटिंग लगातार बढ़ रही थी। लेकिन मुख्य मार्ग बंद होने के बाद वन विभाग ने अस्थायी रूप से अंधेरी की ओर वैकल्पिक रूट शुरू किया है, हालांकि इससे मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी असुविधा हो रही है।
क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेने स्वयं राजस्थान सरकार में वन मंत्री एवं अलवर विधायक संजय शर्मा पहुंचे थे। उन्होंने पीडब्ल्यूडी और वन विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही कर मार्ग को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभाग की धीमी कार्यवाही से मरम्मत कार्य अब तक आगे नहीं बढ़ सका है।
इस मार्ग की मरम्मत पहले भी शुरू की गई थी, लेकिन दोबारा जमीन खिसकने से काम रुक गया। छह माह से बंद पड़े इस रास्ते का असर अब जिप्सी संचालकों की आजीविका पर भी दिखने लगा है। पर्यटक संख्या में लगातार गिरावट हो रही है, जिससे स्थानीय पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
पर्यटक और श्रद्धालु अब भी मुख्य मार्ग के खुलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे पुनः सुरक्षित और सुगम तरीके से बाला किला और पहाड़ी मंदिरों तक पहुंच सकें।