ट्विंकल खन्ना खुलकर बोलीं: उम्र के इस बदलाव ने जीवन को कर दिया कठिन…
अक्षय कुमार की पत्नी और पूर्व एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना अब उम्र संबंधी समस्या मेनोपॉज का सामना कर रही हैं। उन्होंने अपने नए कॉलम और शो में खुलकर इस बदलाव के शारीरिक और मानसिक असर के बारे में साझा किया है।
ट्विंकल ने अपने कॉलम में लिखा खुलासा
ट्विंकल खन्ना ने अपने कॉलम ‘दर्द-ए-डिस्को और नया मेनोपॉज रीमिक्स’ में बताया कि मेनोपॉज के कारण महिलाओं के शरीर और मानसिक स्थिति में बड़े बदलाव आते हैं। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ हार्मोन का स्तर घटने से जीवन कठिन हो गया है।
ट्विंकल का खुलापन महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने मेनोपॉज जैसी प्राकृतिक प्रक्रिया पर बेबाकी से बात कर इसे सामान्य बनाने का प्रयास किया।
शारीरिक बदलावों का सामना कर रही हैं ट्विंकल
ट्विंकल ने बताया कि इस उम्र में उनके शरीर में कई बदलाव आए हैं—हड्डियों में दर्द, रात में पसीना आना, त्वचा का पतला होना। उन्होंने कहा कि पुरुषों को यह बदलाव नहीं झेलना पड़ता, इसलिए कभी-कभी उन्हें जलन भी होती है।
महिलाओं में हार्मोनल बदलावों की चुनौतियों पर ध्यान दिलाना समाज में जागरूकता बढ़ाता है और इस आयु वर्ग की महिलाओं को प्रेरित करता है।
स्वास्थ्य सुधार के लिए उठाए कदम
ट्विंकल ने अपनी सेहत के लिए 20 साल बाद वेटलिफ्टिंग शुरू की है। वे स्क्वाट, लंज और पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने डाइट में ब्राह्मी, प्रिमरोज, अश्वगंधा, मैग्नीशियम ग्लाइसीनेट और लायन्समेन तेल शामिल किया है।
शारीरिक और मानसिक फिटनेस पर फोकस करने से उम्र संबंधी बदलावों का असर कम किया जा सकता है। ट्विंकल का यह उदाहरण महिलाओं के लिए प्रेरक है।
ट्विंकल ने लंच और डिनर में टोस्टेड सैंडविच शामिल किया है और अपनी बेटी नितारा के साथ हर दो हफ्ते में आइसक्रीम का आनंद लेती हैं। उनका मानना है कि संतुलित आहार और हल्की खुशियां जीवन को बेहतर बनाती हैं।
संतुलित जीवनशैली और पोषण के माध्यम से महिलाओं को उम्र के बदलावों का सामना करना आसान हो सकता है। ट्विंकल ने इसे बेहतरीन तरीके से दिखाया।
मनोबल और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान
ट्विंकल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस उम्र में मानसिक स्थिरता बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण है। हार्मोनल बदलावों के कारण ऊर्जा कम हो जाती है और सतर्कता बढ़ जाती है।
महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने की जरूरत है। यह खुलापन अन्य महिलाओं को प्रेरित करता है कि वे अपनी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करें।