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राजस्थान BJP में बड़ा संगठनात्मक धमाका! मदन राठौड़ की नई टीम घोषित, दिग्गजों की छुट्टी – नए चेहरों को मिला बड़ा मौका

राजस्थान में Bharatiya Janata Party (BJP) ने फिर से अपने संगठनात्मक पत्ते फेर दिए हैं — 27 नवंबर 2025 को Madan Rathore की अगुवाई में नई 34-सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की गई। इस फेरबदल में कई पुराने “दिग्गज” बाहर हुए, तो कई नए चेहरे आये हैं — जो संकेत दे रहा है कि पार्टी अगले चुनावों से पहले संगठन को और मजबूत, युवाओं और कार्यकर्ताओं के तकरीब ले जाना चाहती है। आइए देखें कि इस नई टीम में कौन-कौन शामिल हुए, किनका पत्ता कटा — और इसके पीछे Bhajanlal Sharma व Sunil Bansal जैसे नामों का कितना असर रहा होगा।

नई टीम घोषित: 34 सदस्य — संगठनात्मक मजबूती के लिए बड़ा फेरबदल

भाजपा ने 480 दिनों के अंतराल के बाद अपनी प्रदेश कार्यकारिणी का फैसला किया।

कुल 34 सदस्यों की यह टीम है, जिसमें शामिल हैं: 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 7 मंत्री, 1 कोषाध्यक्ष, 1 सह-कोषाध्यक्ष, 1 प्रकोष्ठ प्रभारी, 7 प्रवक्ता — साथ ही मीडिया और सोशल मीडिया टीम में भी फेरबदल।

पार्टी ने साफ किया है कि इस बार संगठन में पार्टी कार्यकर्ताओं (workers / ground-level operatives) को प्राथमिकता दी गयी है, न कि सिर्फ विधायकों या सांसदों को।

कौन हुए शामिल — नए चेहरे और पुनः नियुक्त

नए उपाध्यक्षों में शामिल हुए: Surendra Pal Singh TT, Biharilal Vishnoi, Chhagan Mahur, Hakru Maida, Alka Munda और Sarita Gena.

साथ ही कुछ पुराने चेहरों को भी मौका मिला: जैसे उपाध्यक्षों में पुनः नाम: Nahar Singh Jodha, Mukesh Dadhich, और Dr Jyoti Mirdha।

महामंत्री बनाए गए: Shravan Singh Bagdi, Kailash Meghwal, Bhuvendra Saini और Mithilesh Gautam।

मंत्री बनाए गए: Narayan Meena, Ajit Mandan, Apoorva Singh, Idan Singh Bhati, Ekta Agarwal, Narayan Purohit और Sitaram Poswal

इस तरह, पार्टी ने नए और पुरानी कम सक्रिय चेहरों को मिलाकर टीम बनाई है — जो जमीन पर काम करने वालों के इर्द-गिर्द दिखती है।

किनको मिला ‘बाहरी रास्ता’ — पूर्व दिग्गजों को किनारा

इस बार कई नाम जो पहले थे, इस नई टीम में नहीं दिख रहे — जैसे पूर्व विधायक/नेताओं में: Baba Balknath (तिजारा), Ajaypal Singh, पूर्व राज्यसभा सांसद Narayan Panchariya, पूर्व सांसद Chunnilal Garasiya, पूर्व मंत्री Prabhu Lal Saini, पूर्व सांसद C.R. Patil और Motilal Meena।

पुराने महामंत्रियों/मंत्रियों में से कई को इस बार जगह नहीं मिली — जैसे पूर्व विधायक/सांसद/नेता: Jitendra Gothwal, Damodar Agrawal, Santosh Ahlawat, Omprakash Bhadana आदि।

ये बदलाव दर्शाते हैं कि पार्टी अब पुराने भरोसेमंद नेताओं की बजाय, नए चेहरे और कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहती है — शायद ताकि चुनाव से पहले संगठन को ‘रिफ्रेश’ किया जा सके और ground-level कामकाज को मजबूत किया जाए।

क्या है असर — Bhajanlal Sharma व Sunil Bansal का कितना प्रभाव?

इस नए पूरे संगठन में यह बात स्पष्ट है कि भूमिका सिर्फ विधायकों/मंत्रियों की बजाय पार्टी वर्करों को दी गयी है — जो सुझाव देता है कि फैसला सिर्फ सरकार चलाने वालों का नहीं, बल्कि संगठन मजबूत करने वालों का है।

Bhajanlal Sharma ‎(राजस्थान के मुख्यमंत्री) और Sunil Bansal जैसे राज्य में सक्रिय नेताओं का असर इस बात में दिख सकता है कि नए चेहरे — खासकर पार्टी वर्कर-पिछले स्तर के — शामिल किये गए, बजाए बड़े नेताओं या बाहुबल वाले दिग्गजों के।

दरअसल, इस पहल से यह संकेत मिलता है कि पार्टी 2020s के मध्य-दौर में संगठन को फिर से “ground up” बनाना चाहती है — जातीय, क्षेत्रीय, सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखते हुए। खासकर नए उपाध्यक्ष/महामंत्री/मंत्री इस कोशिश का हिस्सा हैं।

क्या BJP तैयार कर रही है नई राजनीति की पिच?

नई प्रदेश कार्यकारिणी से यह साफ हुआ कि BJP राजस्थान में सिर्फ सरकार नहीं — संगठन मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम उठाना चाहती है। पुराने दिग्गजों को किनारा देकर नए चेहरे और पार्टी वर्कर-केंद्रित टीम से पार्टी यह संदेश भेज रही है कि अब ground-level संगठन और grassroots शक्ति पर भरोसा है। खासकर जब सत्ता के केंद्र में मुख्यमंत्री व संगठन अध्यक्ष दोनों हैं, यह बदलाव आगामी चुनावों और प्रदेश की राजनीति में नई रणनीति का संकेत है।

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