नूंह में बड़ा खुलासा: आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में वकील रिजवान गिरफ्तार
भारत की सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई—हरियाणा के नूंह में एक वकील को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को संवेदनशील जानकारी देने के शक में गिरफ्तार किया गया है। गुरुग्राम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाला यह वकील दो दिन की पूछताछ के बाद अब औपचारिक तौर पर जेल भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
आईएसआई लिंक की जांच में वकील रिजवान पर शिकंजा कसता गया
नूंह पुलिस ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के लिए जासूसी करने के आरोप में वकील रिजवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार वह कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था और उसके विरुद्ध मिले इनपुट के आधार पर विस्तृत जांच शुरू की गई थी।
दो दिन की पूछताछ के बाद दर्ज हुआ केस
हिरासत में पूछताछ के दौरान सामने आए अहम सुराग
पुलिस ने दो दिन पहले रिजवान को प्रारंभिक पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं जिनके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और संपर्कों की जांच में कई संदिग्ध पहलू मिले हैं।
गुरुग्राम कोर्ट में करता था वकालत
न्यायिक प्रणाली से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी बढ़ाती है गंभीरता
रिजवान लंबे समय से गुरुग्राम की अदालत में वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रहा था। इस कारण उसका गिरफ्तार होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है, क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों का इस तरह संवेदनशील ग्रिड में आना चिंताजनक माना जाता है।
संभावित नेटवर्क और संपर्कों की भी होगी पड़ताल
जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या रिजवान किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या अकेले ही पाक एजेंसी को सूचनाएं भेज रहा था। पुलिस उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, बैंक लेनदेन और सामाजिक संपर्कों की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और खुलासे संभव माने जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की नजर बेहद सख्त
देशद्रोह से जुड़े मामलों में शून्य सहनशीलता
हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर पूरे मामले की तफ्तीश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जासूसी से संबंधित मामलों में जांच प्रक्रिया बेहद विस्तृत और तकनीकी होती है, इसलिए आगे कई परतें खुल सकती हैं।