संविधान दिवस पर नेता प्रतिपक्ष जूली का हमला—पंचायती राज व नगरीय निकाय चुनाव में देरी को बताया संविधान का उल्लंघन
जयपुर, 26 नवंबर।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने संविधान दिवस के अवसर पर राज्य सरकार को पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनाव समय पर न करवाने पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि चुनाव टालना संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
विधानसभा में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में जूली ने कहा कि पंचायत व निकायों का कार्यकाल पूरा हुए पाँच साल से अधिक हो चुके हैं, फिर भी चुनाव नहीं कराए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा—
“संविधान हमारी आत्मा है। चुनाव न कराना संविधान का उल्लंघन है। सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन संविधान मजबूत रहना चाहिए।”
उन्होंने SIR की आड़ में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इससे मताधिकार पर चोट पहुँच रही है।
युवा कांग्रेस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को जोश भरा संदेश
जयपुर कंस्टीट्यूशन क्लब में युवा कांग्रेस के ‘संकल्प अभियान’ कार्यक्रम में जूली ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश को संविधान के रूप में मजबूत नींव दी है, परंतु आज इसे कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने कहा—
“कांग्रेस ने अपने खून-पसीने से संविधान को सींचा है। लेकिन आज यह खतरे में है—कहीं SIR के माध्यम से, कहीं संविधान को नजरअंदाज कर चुनाव टालकर।”
कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि पद जिम्मेदारी के साथ आते हैं और हर कार्यकर्ता को जिले से लेकर विधानसभा तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए। उनके उद्बोधन पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
दलित समाज के हितों में कांग्रेस की भूमिका का उल्लेख
टीकाराम जूली ने दलित समाज के सशक्तिकरण में कांग्रेस की भूमिका गिनाते हुए बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष बनाना, 1989 में अत्याचार निवारण कानून लागू करना, दलित नेतृत्व को बड़े पद देना—यह सब कांग्रेस की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने, स्वयं के मंत्री और नेता प्रतिपक्ष बनने और सामाजिक सुरक्षा व कल्याण विभागों की स्थापना को कांग्रेस के ऐतिहासिक कार्यों में शामिल बताया।
संविधान दिवस पर सुबह टीकाराम जूली ने रैणी (राजगढ़) में संविधान रचयिता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।