शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति और अवैध संबंधों को आगे बढ़ाने की चाहत में अपने ही पति की हत्या करने वाली महिला और उसके प्रेमी को एडीजे कोर्ट नंबर–3 ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
15 फरवरी 2022 की रात हुआ था क़त्ल
सरकारी वकील अजीत कुमार यादव ने बताया की घटना मालाखेड़ा क्षेत्र के बडेर गांव की है।15 फरवरी 2022 की रात करीब 12 बजे, मृतक रामजीलाल के मां-बाप पड़ोस की शादी में गए थे। इसी बीच उसकी पत्नी पूनम ने घर में अपने प्रेमी नरेंद्र को बुला लिया। नरेंद्र मृतक का मौसेरा भाई था और रिश्ते में पूनम का देवर लगता था।
रामजीलाल शराब के नशे में घर लौटा तो दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने का प्लान क्रियान्वित कर दिया। आरोपी पूनम और नरेंद्र ने रामजीलाल के मुंह पर तकिया दबाया और तब तक नहीं हटाया, जब तक उसकी सांसें बंद नहीं हो गईं। कुछ ही मिनटों में रामजीलाल की मौत हो गई।
हत्या के बाद किया ड्रामा-अचेत अवस्था का नाटक
हत्या के बाद पूनम ने प्रेमी को वहां से भगा दिया और परिवार के लौटते ही पति को अचेत पड़ा हुआ बताया।नशे की आदत के कारण परिवार को भी पहली नज़र में शक नहीं हुआ। अगले दिन 16 फरवरी को अंतिम संस्कार कर दिया गया। हत्या को दुर्घटना जैसा दिखाने की पूरी कोशिश की गई।
12 दिन तक घर में रहकर अपराध छिपाते रहे
हत्या के बावजूद पूनम और नरेंद्र लगभग 12 दिन तक परिवार के साथ सामान्य दिनचर्या में रहे, ताकि किसी को शक न हो। यह घटना को छिपाने की उनकी सोची-समझी साजिश थी।
राज खुला – शराब में बहक कर प्रेमी ने कबूला क़त्ल
घटना के करीब एक महीने बाद, परिवार के कुछ सदस्यों ने प्रेमी नरेंद्र को शराब पिलाई। नशे में नरेंद्र ने पूरी साजिश उगल दी — कैसे पूनम ने उसे बुलाया, और कैसे दोनों ने मिलकर तकिया दबाकर रामजीलाल की हत्या की।परिजनों ने पूरी बात की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी कर ली।इसी आधार पर मालाखेड़ा थाने में इस्तगासे से मामला दर्ज कराया गया।
बच्चों और जेवरों के साथ फरार हुई थी पूनम
22 मार्च 2022 को गिरफ्तारी से बचने के लिए पूनम दोनों बेटों (5 और 3 वर्ष) तथा घर के जेवर लेकर प्रेमी नरेंद्र के साथ भाग गई थी। बाद में पुलिस ने दोनों को तलाश कर गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में पूनम ने स्वीकार किया कि पति उसकी शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति नहीं कर पाता था, इसलिए उसने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या करवाई।
विशिष्ट लोक अभियोजक अजीत कुमार ने बताया अदालत ने मोबाइल रिकॉर्डिंग, घटनास्थल की परिस्थितियाँ, पुलिस जांच और अभियोजन के तर्कों को सही मानते हुए,12 गवाहों व 18 दस्तावेज को देख कर पत्नी पूनम और प्रेमी नरेंद्र दोनों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई।