ट्रंप के अल्टीमेटम से 4 दिन बचे, यूक्रेन पर दबाव बढ़ा….
अमेरिका ने यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध रोकने के लिए 28 सूत्रीय पीस प्लान पेश किया है और राष्ट्रपति व्लादीमीर जेलेंस्की को 27 नवंबर तक निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है। इस कदम के साथ अमेरिका ने संकेत दिया है कि अगर यूक्रेन डील स्वीकार नहीं करता, तो उसे सैन्य और खुफिया सहायता रोक दी जा सकती है।
जेलेंस्की की चुनौती: देश के हित बनाम अमेरिकी दबाव….
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की कोशिश है कि देश के हितों की रक्षा करते हुए अमेरिका और ट्रंप को नाराज न किया जाए। इस बीच यूरोपीय और पश्चिमी देश भी यूक्रेन के साथ खड़े हैं और प्लान में सुधार की संभावनाओं पर बातचीत की जरूरत जताते हैं।
यूरोपीय देशों ने दिखाया समर्थन….
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सहित अन्य यूरोपीय देश जी20 समिट में एकजुटता दिखा रहे हैं। उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार 23 नवंबर को जिनेवा में अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक ट्रंप के 28 सूत्रीय प्लान पर आगे की रणनीति तय करेगी।
ट्रंप का 28 सूत्रीय प्लान: रूस के पक्ष में झुकाव….
ट्रंप का प्लान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं में रूस की मांगों को प्राथमिकता देता है। इसमें क्रीमिया और डोनेट्स्क-लुहान जैसे क्षेत्रों पर रूस के कब्जे को मान्यता देना और यूक्रेन की सैन्य क्षमता सीमित करने की बातें शामिल हैं। अमेरिका और यूरोप द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने का प्रस्ताव भी है।
यूक्रेन के लिए यूरोपीय देशों की ताकत….
जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से समर्थन मांगा। आठ नार्डिक और बाल्टिक देशों—जैसे डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, नार्वे और स्वीडन—ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन के सम्मान और हितों को बनाए रखने वाला समाधान होना चाहिए। ये देश यूक्रेन को हथियार सपोर्ट भी जारी रखेंगे।
28 सूत्रीय प्लान की मुख्य बातें…..
- यूक्रेन की संप्रभुता की गारंटी
- क्रीमिया, लुहान और डोनेट्स्क पर रूस का कब्जा मान्यता देना
- यूक्रेन की सैन्य क्षमता सीमित करना
- रूस पर अमेरिकी और यूरोपीय आर्थिक प्रतिबंध हटाना
- यूक्रेन की नाटो सदस्यता को कभी स्वीकार न करना
- 100 दिनों के भीतर यूक्रेन में चुनाव कराने का प्रस्ताव
- अमेरिकी सुरक्षा गारंटी शर्तों के साथ
- पुनर्निर्माण और निवेश में अमेरिका का 50% प्रॉफिट
- रूस, यूक्रेन और यूरोप के बीच एक-दूसरे पर हमला न करने का समझौता
यूक्रेन के लिए कठिन विकल्प….
28 सूत्रीय प्लान में कई बिंदु ऐसे हैं जो यूक्रेन की संप्रभुता और नाटो के सपनों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। जेलेंस्की को फैसला लेना होगा कि अमेरिकी दबाव के आगे झुकें या देश की दीर्घकालिक सुरक्षा और सम्मान के लिए कड़ा रुख अपनाएं।
यूरोपीय और अमेरिकी संतुलन की भूमिका….
हालांकि ट्रंप ने कहा है कि यह अंतिम ऑफर नहीं है और आगे विचार-विमर्श संभव है, लेकिन अमेरिका का अल्टीमेटम स्पष्ट है। यूरोपीय देश अपनी तरफ से यूक्रेन के हितों की रक्षा में समर्थन दे रहे हैं, जिससे जेलेंस्की को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।
संभावित प्रभाव: युद्ध की दिशा और वैश्विक राजनीति…..
यदि यूक्रेन प्लान को स्वीकार करता है, तो रूस को कई रणनीतिक फायदे मिल सकते हैं। वहीं, अस्वीकृति पर अमेरिकी और पश्चिमी सैन्य और खुफिया सहायता बंद हो सकती है। इस फैसले का न केवल युद्ध पर असर होगा बल्कि वैश्विक राजनीति और यूरोप-अमेरिका-रूस संबंधों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।