उज्जैन कालभैरव मंदिर में श्रद्धालुओं संग बदसलूकी का विवाद, वीडियो वायरल मंदिर परिसर में हंगामा, सुरक्षा पर उठे सवाल…
उज्जैन के प्रसिद्ध कालभैरव मंदिर में शुक्रवार को उस समय हंगामा हो गया जब भीड़ नियंत्रण करते समय सुरक्षा कर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच तीखा विवाद हो गया। आरोप है कि लाइन मैनेजमेंट के दौरान कर्मचारियों ने महिला श्रद्धालुओं के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसके बाद मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
लाइन में अव्यवस्था बनी विवाद की वजह…
शुक्रवार सुबह दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी दौरान सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाइन को मोड़ा, लेकिन इसी प्रक्रिया में कुछ महिलाओं के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कर्मचारियों ने महिलाओं को लाइन से जबरन बाहर धकेल दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
वीडियो वायरल | सोशल मीडिया पर उठे आक्रोश के स्वर…
घटना का पूरा वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। फुटेज में सुरक्षा कर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच तीखी नोकझोंक साफ दिखाई देती है। इसे देखने के बाद स्थानीय लोग और श्रद्धालु प्रशासन पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगा रहे हैं।
श्रद्धालुओं का आरोप | “महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार”
कई महिला श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि उन्हें लाइन से जबरन बाहर धकेला गया और कुछ को अपमानजनक शब्द भी कहे गए। पीड़ित महिलाओं ने कहा कि त्योहार और सप्ताहांत पर बढ़ती भीड़ के बावजूद कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी।
प्रशासन की सफाई | “स्थिति नियंत्रण में, जांच जारी”
मंदिर प्रशासन ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भीड़ अचानक बढ़ने के कारण सुरक्षा टीम पर दबाव बन गया था। उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की शिकायत की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी
भीड़ प्रबंधन पर सवाल | बार-बार क्यों दोहराता है ऐसे विवाद?
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ के बावजूद पर्याप्त महिला सुरक्षा कर्मियों और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती नहीं की जाती। इससे हर त्योहार या खास अवसर पर ऐसे विवाद सामने आ जाते हैं।
प्रशासन से कड़े कदम की मांग….
स्थानीय लोग और श्रद्धालु अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई और बेहतर भीड़ प्रबंधन की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हालात न बनें और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।