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नेपाल में फिर भड़का Gen-Z आंदोलन: 70 दिन बाद सड़कों पर गुस्सा, सेमरा में कर्फ्यू, नेताओं पर हमले के आरोप…

नेपाल में एक बार फिर आग उगल रहा है Gen-Z का गुस्सा! सोशल मीडिया बैन से शुरू हुआ यह आंदोलन अब भ्रष्टाचार, राजनीतिक दखल और पुराने नेताओं की नीतियों के खिलाफ एक बड़े युवा विद्रोह का रूप ले चुका है। 70 दिनों की शांति के बाद सेमरा में फिर हिंसा भड़की, हालात इतने बिगड़े कि कर्फ्यू लगाना पड़ा। आखिर क्यों नहीं थम रहा नेपाल का यह युवा तूफान? आइए पूरी रिपोर्ट में समझते हैं—

नेपाल में वही बवाल… Gen-Z के नए सवाल

नेपाल में Gen-Z आंदोलन एक बार फिर उग्र हो उठा है। सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ यह युवा आंदोलन अब भ्रष्टाचार, राजनीतिक प्रभाव और “नेपोटिज़्म” के खिलाफ देशव्यापी विरोध में बदल चुका है।

आपको बता दे लगभग 70 दिन पहले नेपाल सरकार ने 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया था।
सरकार ने इसे “नियामकीय अनुपालन” बताया, लेकिन युवा इसे सीधी सेंसरशिप मान रहे थे।
इसके खिलाफ काठमांडू में ज़बरदस्त विरोध हुआ—हजारों युवक संसद की ओर मार्च पर निकले । सुरक्षा बलों ने टियर गैस, वाटर कैनन और गोली तक चलाई—18 से ज़्यादा युवा मारे गए, सैकड़ों घायल हुए

देश-व्यापी दबाव के बाद सरकार ने सोशल मीडिया बैन वापस लिया, गृह मंत्री ने इस्तीफा दिया और कर्फ्यू लगाया गया।

अब 70 दिन बाद फिर क्यों भड़का आंदोलन?

लगभग दो महीने बाद, बारा जिले के सेमरा में हालात एक बार फिर विस्फोटक हो गए। यहां CPN-UML पार्टी के नेताओं के दौरे के दौरान Gen-Z समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
युवाओं और राजनीतिक कैडरों के बीच तीखी झड़पें हुई पत्थरबाज़ी, मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई । हालात बेकाबू होने पर प्रशासन ने दोपहर 1 बजे से रात 8 बजे तक कर्फ्यू लगाया ,सुरक्षा कारणों से स्थानीय उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं

Gen-Z नेताओं का आरोप

आंदोलन के युवा चेहरों में शामिल पुरुषोत्तम यादव ने कहा
“यह सिर्फ हमारे खिलाफ हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आवाज़ को कुचलने की कोशिश है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि राजनीतिक दलों के कुछ समर्थकों ने जानबूझकर हिंसा भड़काई।

आंदोलन की दिशा: सोशल मीडिया से आगे बढ़ चुकी लड़ाई….

Gen-Z की यह पीढ़ी नेपाल की राजनीति में नई सोच और पारदर्शिता की मांग कर रही है।लेकिन बढ़ती हिंसा से लोकतांत्रिक माहौल प्रभावित हो रहा है , आंदोलन का “लीडरलेस स्ट्रक्चर” इसे मजबूत भी बनाता है और असुरक्षित भी ,सरकार पर जांच और पुलिस कार्रवाई को लेकर लगातार दबाव बना हुआ है ।

नेपाल की राजनीतिक स्थिरता पर बड़ा सवाल….

नेपाल में Gen-Z आंदोलन सिर्फ एक विरोध नहीं—यह एक नई राजनीतिक चेतना का विस्फोट है। 70 दिन बाद दोबारा उठा उफान बताता है कि युवाओं की असंतुष्टि अभी खत्म नहीं हुई। अब सरकार कैसे हालात संभालेगी और क्या यह आंदोलन नेपाल की राजनीति को नया मोड़ देगा—यह आने वाला समय तय करेगा।

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