दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर पहली बार हेलीकॉप्टर सेवा शुरू, पिनान रेस्ट एरिया बना मेडिकल एयरलिफ्ट का नया केंद्र…
अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को नए स्तर पर ले जाने के लिए पिनान कस्बे के 125 किलोमीटर पायदान पर बने रेस्ट एरिया में हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत की गई है। यह महत्वपूर्ण पहल “बुक योअर हेलीकॉप्टर” कंपनी ने शुरू की है, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को “गोल्डन आवर” के भीतर उपचार के लिए तुरंत अस्पताल तक एयरलिफ्ट करना है।
कंपनी प्रवक्ता मनीष कुमार सुनारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से है, जहाँ रोज़ाना हजारों वाहन गुजरते हैं। दुर्घटना की स्थिति में एम्बुलेंस के देर से पहुँचने की संभावना रहती है, ऐसे में यह हवाई सेवा आपात चिकित्सा सहायता को तेज़, सुलभ और प्रभावी बनाएगी।
NHAI–NHLML–PATH INDIA का सहयोग
इस नई सेवा के क्रियान्वयन में NHAI, NHLML और PATH INDIA LTD ने तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। हेलीपैड निर्माण, अनुमतियाँ, रूट प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेटअप जैसे कार्य इन संस्थाओं की सहायता से तेज़ी से पूरे हुए। परियोजना को आगे बढ़ाने में अलवर सांसद एवं केंद्रीय केबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव की अहम भूमिका रही। राज्य और केंद्र स्तर की मंजूरियों में उनके सहयोग से प्रक्रिया और सरल हुई। वहीं आयुष सहारण ने भी विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
द्वितीय चरण में मिलेगी पर्यटन उड़ानों की सुविधा
कंपनी ने बताया कि जल्द ही सेवा का दूसरा चरण भी शुरू किया जाएगा, जिसे राजस्थान पर्यटन विभाग के साथ मिलकर संचालित किया जाएगा। इसके तहत राजस्थान के प्रमुख तीर्थ स्थलों, अरावली पर्वतमाला, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों के लिए जॉय राइड और एरियल टूर शुरू किए जाएंगे। इससे प्रदेश में हेलीकॉप्टर पर्यटन को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार हेलीपैड
रेस्ट एरिया में बना हेलीपैड अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। यहाँ एक साथ 8 हेलीकॉप्टर पार्क किए जा सकते हैं। रात में उड़ानें संचालित करने के लिए हाई–इंटेंसिटी लाइटिंग और उन्नत नेविगेशन सिस्टम लगाया गया है। यात्रियों के लिए वेटिंग लाउंज तथा आपात स्थितियों के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
इस सेवा की शुरुआत से एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर रहे लाखों यात्रियों को आपात स्थितियों में त्वरित राहत मिलेगी। साथ ही आने वाले महीनों में पर्यटन आधारित उड़ानों के शुरू होने से अलवर व आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।