मॉर्निंग वॉक बना काल: फॉरेस्टर जोगेंद्र सिंह ने बेटे की जान बचाई, खुद तेज रफ्तार कार की चपेट में आकर 500 मीटर तक घसीटे गए…
अरावली विहार थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सरिस्का में कार्यरत वनपाल (फॉरेस्टर) जोगेंद्र सिंह चौहान अपने 11 वर्षीय बेटे अनिरुद्ध के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले ही थे कि तेज रफ्तार कार उनकी मौत बनकर सामने आ गई। हादसा इतना भयावह था कि उनके बेटे की आंखों के सामने ही यह सब कुछ घटा।
बेटे को बचाकर खुद मौत से टकरा गए फॉरेस्टर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक तेज रफ्तार कार को करीब आता देख जोगेंद्र सिंह ने बिना एक पल गंवाए अपने बेटे को जोर से साइड में धक्का देकर बचा लिया।
लेकिन अगला ही पल उनके लिए आख़िरी साबित हुआ। कार उन्हें जोरदार टक्कर मारते हुए आगे घसीटती चली गई।
कार ड्राइवर नहीं रुका, 500 मीटर तक घसीट ले गया
टक्कर के बाद भी कार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। फॉरेस्टर जोगेंद्र सिंह कार के नीचे फंसे हुए करीब आधा किलोमीटर तक घसीटते रहे।
उनका 11 वर्षीय बेटा पीछे खड़ा चीखता रहा, लेकिन कोई मदद नहीं मिल सकी। मौके पर ही जोगेंद्र सिंह की मौत हो गई।
परिवार में कोहराम, दोस्तों और अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर संभाला परिवार
घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जोगेंद्र सिंह शहर के शांतिकुंज में रहते थे। उनका एक भाई विदेश में है।
हादसे की खबर मिलते ही उनके करीबी, जिसमें पूर्व कमिश्नर जितेंद्र नरूका भी शामिल हैं, अस्पताल पहुंचे और परिजनों को संभाला।
RPF इंस्पेक्टर रहे पिता के सुपुत्र थे जोगेंद्र सिंह
मृतक के पड़ोसी हेमपाल सिंह जादौन ने बताया कि जोगेंद्र सिंह के पिता विक्रम सिंह चौहान आरपीएफ में इंस्पेक्टर रह चुके हैं।
जोगेंद्र स्वयं वन विभाग में फॉरेस्टर पद पर तैनात थे और अपने कर्तव्यनिष्ठ एवं शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे।
पुलिस ने शुरू की जांच, कार चालक की तलाश तेज
पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
तेज रफ्तार कार चालक की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
“जोगेंद्र बेहद सरल और मददगार व्यक्ति थे। बेटे को बचाने के लिए उन्होंने जो किया वो किसी वीरता से कम नहीं है। ऐसे परिवार पर जो बीत रही है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”