संजय सिंह का हल्ला बोल: सरयू से संगम तक ‘रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो’ यात्रा से गरमाई यूपी की राजनीति…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया तापमान चढ़ा है। आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए बुधवार को “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” के नारे के साथ सरयू से संगम तक 200 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की शुरुआत की है। यह यात्रा बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और जन अधिकारों की मांग को लेकर एक बड़े राजनीतिक अभियान का रूप ले रही है।
सरयू से संगम तक संजय सिंह की पदयात्रा शुरू, युवाओं के हक़ की लड़ाई का ऐलान
अयोध्या के पवित्र सरयू तट से शुरू हुई यह यात्रा अब प्रदेश की राजनीतिक हलचल का केंद्र बन चुकी है। संजय सिंह ने पदयात्रा का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं और वंचित समाज की आवाज़ को बुलंद करने की पहल है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और असमानता के खिलाफ अब जनता सड़कों पर उतरेगी।
“रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” बना जन आंदोलन का नारा
इस यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और हाशिए पर खड़े समुदायों की आवाज़ को उठाना है। संजय सिंह ने कहा कि लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं, फिर भी भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया—“जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा, तो ‘डबल इंजन सरकार’ की विकास यात्रा किसके लिए है?”
भाजपा सरकार पर हमला: ‘जनता भूखी, सरकार प्रचार में मशगूल’
संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक अन्याय से जूझ रही है, जबकि सत्ता पक्ष सिर्फ विज्ञापन और प्रचार पर करोड़ों खर्च कर रहा है। उन्होंने कहा कि “सरकार महंगाई पर मौन है, भ्रष्टाचार पर गुमसुम है और रोजगार के सवाल पर बेपरवाह है।”
जनता से संवाद और समर्थन जुटाने की कवायद
पदयात्रा के दौरान संजय सिंह कई जिलों, कस्बों और गांवों से गुजरेंगे। वे स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और पार्टी के विज़न को साझा करेंगे। आम आदमी पार्टी का दावा है कि यह यात्रा आने वाले महीनों में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अन्याय के खिलाफ जन आंदोलन का स्वरूप लेगी।
विपक्ष के लिए आप की नई रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संजय सिंह की यह यात्रा उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश है। भाजपा सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख अपनाकर आप, आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच अपनी राजनीतिक पैठ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
संजय सिंह की “सरयू से संगम” यात्रा न केवल बेरोजगारी और सामाजिक न्याय की मांगों को नई धार दे रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि उत्तर प्रदेश में अब जनता के सवालों पर नई राजनीति आकार ले रही है।