लक्ष्मणगढ़ में बंद: रूस में मृत मिले छात्र अजीत चौधरी का शव भारत लाने की मांग तेज…
अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे में गुरुवार को पूरा बाजार बंद रहा। यह बंद कफनवाड़ा गांव निवासी छात्र अजीत सिंह चौधरी का शव भारत लाने और पोस्टमार्टम करवाने की मांग को लेकर किया गया। कस्बे के सभी व्यापारियों और निजी शिक्षण संस्थानों ने बंद को पूर्ण समर्थन दिया, वहीं आमजन में भी छात्र की मौत को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला।
रूस में पढ़ाई के दौरान रहस्यमय हालात में हुई मौत
अजीत चौधरी अक्टूबर 2023 में रूस के ऊफा शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया था। 19 अक्टूबर 2025 से वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। अगले दिन यानी 20 अक्टूबर को पुलिस को नदी किनारे उसके जूते, कपड़े और मोबाइल फोन मिले थे। इसके बाद परिवार ने ऊफा पुलिस और भारतीय दूतावास से उसकी तलाश की गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला।
परिजनों का हत्या का शक, यूनिवर्सिटी ने बताया आत्महत्या
कई दिनों की तलाश के बाद 6 नवंबर को ऊफा की व्हाइट रिवर के बांध से अजीत का शव बरामद हुआ। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मौत का कारण आत्महत्या बताया और परिजनों से शव लेने को कहा। हालांकि, परिवार ने इस दावे को खारिज करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों ने मांग की है कि रूस में पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराई जाए और भारत लाने के बाद राजस्थान मेडिकल बोर्ड द्वारा भी दोबारा पोस्टमॉर्टम किया जाए।
प्रशासन के आश्वासनों से नाराज़ ग्रामीण
परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि कई बार स्थानीय प्रशासन, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। अजीत का शव अभी तक भारत नहीं पहुंचा है, जिससे क्षेत्र में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
आक्रोश में व्यापारियों ने किया समर्थन
अजीत की मौत और देरी से शव लाने की प्रक्रिया के विरोध में लक्ष्मणगढ़ के सभी व्यापारी और निजी स्कूलों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। कस्बे के लोग अजीत के परिवार के साथ खड़े हैं और जल्द से जल्द शव भारत लाकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।