जयपुर से म्यांमार मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश: CBI की बड़ी कार्रवाई, दो गिरफ्तार…
जयपुर में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह राजस्थान और गुजरात के युवाओं को झांसा देकर म्यांमार भेजता था, जहां उन्हें अवैध साइबर फ्रॉड गतिविधियों में जबरन शामिल किया जाता था। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। CBI की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल कई युवाओं की संभावित ज़िंदगी बचाई है, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
म्यांमार भेजे जा रहे थे बेरोजगार युवक
CBI की जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार किए गए दोनों युवक बेरोजगार युवाओं को नौकरी और ऊंची सैलरी का लालच देकर म्यांमार भेज रहे थे। इन युवकों को बताया जाता था कि उन्हें थाईलैंड में डिजिटल मार्केटिंग और आईटी से जुड़ा काम मिलेगा, लेकिन हकीकत में उन्हें म्यांमार में अवैध कॉल सेंटरों में साइबर ठगी के लिए मजबूर किया जाता था।
CBI ने की गुप्त निगरानी, जयपुर से हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, CBI को कुछ समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद एजेंसी ने गुप्त निगरानी शुरू की और सबूत जुटाने के बाद बुधवार देर रात जयपुर में दबिश देकर दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।
युवाओं को सोशल मीडिया के जरिये फंसाया जाता था
आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी भर्ती एजेंसियों के नाम से प्रोफाइल बनाई हुई थीं। इन प्रोफाइल्स के जरिए वे बेरोजगार युवाओं को टारगेट करते और फर्जी इंटरव्यू लेकर पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेते थे। कई मामलों में युवकों से ट्रैवल खर्च के नाम पर पैसे भी ऐंठे गए।
CBI करेगी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से समन्वय
CBI अब इस पूरे नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन खंगाल रही है। एजेंसी म्यांमार और थाईलैंड की जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने की तैयारी में है ताकि वहां फंसे भारतीय युवाओं को सुरक्षित वापस लाया जा सके।
साइबर ठगी का नया हब बनता म्यांमार
पिछले एक साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें भारतीय युवकों को म्यांमार के ‘गोल्डन ट्रायएंगल’ इलाके में ले जाकर साइबर अपराधों में शामिल किया गया। यह गिरोह भारत, नेपाल और बांग्लादेश के युवाओं को निशाना बनाता है। जयपुर CBI की यह कार्रवाई इस पूरे नेटवर्क पर लगाम लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।