बिहार एग्जिट पोल 2025: एनडीए को बहुमत के संकेत, महागठबंधन पिछड़ता दिखा…
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल्स ने राज्य की सियासत का रुख एक बार फिर बदलता दिखाया है। लगभग सभी सर्वेक्षणों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को स्पष्ट बढ़त मिलती नजर आ रही है, जबकि महागठबंधन (MGB) को अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिल पाया है।
एनडीए के लिए राहतभरे संकेत
अधिकांश प्रमुख एजेंसियों जैसे दैनिक भास्कर, पीपल्स पल्स और चाणक्य स्ट्रेटेजीज के एग्जिट पोल्स में एनडीए को 130 से 160 सीटों के बीच बढ़त मिलती दिख रही है। भाजपा-जेडीयू गठबंधन के लिए यह अनुमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर जनता के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने ग्रामीण मतदाताओं के बीच एनडीए की स्थिति को मजबूत किया है।
महागठबंधन को झटका
तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला महागठबंधन (राजद-कांग्रेस-वामदल) 70 से 100 सीटों के बीच सिमटता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर जनता का रुझान उम्मीद के अनुसार नहीं बदला। साथ ही, सीट-बंटवारे में मतभेदों ने गठबंधन को नुकसान पहुंचाया है।
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज की उम्मीदें धूमिल
राजनीतिक विश्लेषक और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) की पार्टी जन सुराज को एग्जिट पोल्स में बहुत कम समर्थन मिला है। अधिकांश सर्वे इसे 0 से 5 सीटों तक सीमित बता रहे हैं। यह नतीजा बताता है कि जनता फिलहाल पारंपरिक दलों से इतर किसी तीसरे विकल्प को लेकर अभी तैयार नहीं दिख रही है।
क्या एग्जिट पोल सही साबित होंगे?
हालांकि एग्जिट पोल्स रुझान तो दिखाते हैं, परंतु ये अंतिम सत्य नहीं होते। पिछले चुनावों में कई बार बिहार ने अनुमान से अलग नतीजे दिए हैं। 14 नवंबर 2025 को होने वाली मतगणना यह तय करेगी कि क्या नीतीश कुमार एक बार फिर सत्ता में वापसी करते हैं या तेजस्वी यादव कोई नया समीकरण गढ़ पाते हैं।