दिल्ली ब्लास्ट पर गृह मंत्री की सख्त चेतावनी: “दोषियों को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा”….
दिल्ली में हुए धमाके के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने घटना को गंभीर मानते हुए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। उन्होंने साफ कहा कि “देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।”
सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त जांच टीम सक्रिय
धमाके के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एनआईए (NIA), आईबी (IB) और एनएसजी (NSG) की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा है। जांच का दायरा राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ा दिया गया है ताकि किसी भी आतंकी साजिश के तार जल्दी से जल्दी उजागर किए जा सकें। बताया जा रहा है कि टीम में तेजतर्रार और अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है जो पहले भी कई बड़े आतंकी मामलों की जांच कर चुके हैं।
अमित शाह की हाई-लेवल मीटिंग जारी
गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में लगातार सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इस हाई लेवल मीटिंग में गृह सचिव, एनआईए, एनएसजी और दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं। बैठक में धमाके के संभावित कारणों, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर चर्चा की जा रही है। शाह ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा, अलर्ट जारी
धमाके के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों ने मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा, सीमावर्ती इलाकों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संदिग्ध को शहर में प्रवेश करने से पहले ही रोका जा सके।
जांच के हर पहलू पर नजर
फिलहाल जांच एजेंसियां फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले सबूतों का विश्लेषण कर रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमाका योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। गृह मंत्रालय ने कहा है कि जल्द ही इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
दिल्ली धमाका देश की राजधानी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। हालांकि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी गंभीरता से इस मामले की तह तक जाने में जुटी हैं। गृह मंत्री का सख्त रुख और एजेंसियों की तेज कार्रवाई इस बात का संकेत है कि देश की सुरक्षा के साथ किसी को खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।