दिल्ली में बड़ा धमाका — रेड फोर्ट के पास कार में विस्फोट, 8 की मौत, पुलवामा कनेक्शन की जांच शुरू….
सोमवार शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के बाहर एक Hyundai i20 कार में जबरदस्त धमाका हुआ। विस्फोट इतना भीषण था कि पास खड़ी तीन गाड़ियों में आग लग गई। धमाके में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए। घायलों को पास के एलएनजेपी और अरुणा आसफ अली अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फिदायीन स्टाइल हमला, कार में पहले से लगा था विस्फोटक
फॉरेंसिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि कार में विस्फोटक पहले से इंस्टॉल था।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह हमला फिदायीन स्टाइल में किया गया।
CCTV फुटेज से खुलासा हुआ है कि यह कार सुनेहरी मस्जिद के पास करीब 3 घंटे तक खड़ी रही— दोपहर 3:19 से लेकर शाम 6:48 तक। उसके कुछ ही मिनट बाद धमाका हुआ।
कार की चेन और तीन नाम — तारिक, उमर और नदीम
कार की मालिकाना चेन अब जांच के घेरे में है।
जांच में सामने आया है कि i20 कार पहले मोहम्मद सलमान, फिर नदीम, उसके बाद Royal Car Zone नाम की डीलरशिप के पास थी। वहां से कार तारिक (पुलवामा निवासी) और अंत में डॉ. मोहम्मद उमर नाम के शख्स के पास पहुंची।
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. उमर फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था और वही इस कार में सवार था।
धमाके में उसका शव भी बरामद हुआ है, लेकिन पहचान के लिए DNA जांच कराई जा रही है।
फरीदाबाद मॉड्यूल से 2,900 किलो विस्फोटक जब्त
कुछ दिन पहले फरीदाबाद में पुलिस ने एक मॉड्यूल पकड़ा था, जिससे 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। अब माना जा रहा है कि यही नेटवर्क दिल्ली ब्लास्ट के पीछे हो सकता है ।
जांच एजेंसियां इसे दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़े आतंकी नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं।
पुलवामा कनेक्शन पर फोकस
इस मामले में अब पुलवामा कनेक्शन की जांच तेज हो गई है।
मुख्य संदिग्ध तारिक, जो पुलवामा का रहने वाला है, उससे जुड़ी कई लेन-देन और कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।
जांच एजेंसियों को शक है कि हमले की प्लानिंग कश्मीर में बैठकर की गई थी और फरीदाबाद मॉड्यूल ने इसे अंजाम दिया।
UAPA के तहत केस, NIA और NSG ने संभाली जांच
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में UAPA और Explosives Act की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
NIA और NSG की टीमें मौके पर पहुंची और हर एंगिल से जांच शुरू की ,
पूरे एनसीआर में हाई अलर्ट जारी किया गया , खासकर मेट्रो स्टेशनों, बस टर्मिनलों और बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई शवों की पहचान मुश्किल हो गई है।
पोस्टमॉर्टम और DNA टेस्ट के जरिए पहचान की कोशिश की जा रही है।
सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
“देश की राजधानी में हुआ यह धमाका न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी है बल्कि यह संकेत भी कि आतंकी नेटवर्क अब स्थानीय चेहरों के ज़रिए काम कर रहा है। दिल्ली पुलिस, NIA और NSG ने जांच तेज़ कर दी है — और अब पूरा देश देख रहा है कि इस साजिश के पीछे असली चेहरा कौन था।”