राजस्थान में एथेनॉल कंपनियों की बढ़ी मक्का की मांग, डेढ़ महीने में 300 रुपये प्रति क्विंटल उछले भाव
जयपुर। केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को बढ़ावा मिलने के बाद मक्का की मांग में तेजी आई है। एथेनॉल कंपनियां बड़े पैमाने पर मक्का खरीद रही हैं। इसका असर बाजार भाव पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले करीब डेढ़ महीने में मक्का के दाम लगभग 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए हैं। जयपुर मंडी में गुरुवार को मक्का का थोक भाव 2,825 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। एथेनॉल उद्योग के अलावा पोल्ट्री फीड, पशु आहार और स्टार्च बनाने वाली इकाइयों से भी मक्का की मांग बनी हुई है।
एथेनॉल कंपनियों की खरीद बढ़ने से मक्का के भाव में तेजी
केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग योजना को बढ़ावा दिए जाने के बाद मक्का की औद्योगिक मांग बढ़ी है। एथेनॉल उत्पादन में मक्का का इस्तेमाल बढ़ने से कंपनियां इसकी खरीद पर अधिक ध्यान दे रही हैं।जानकारी के अनुसार, चीनी और पर्याप्त चावल उपलब्ध नहीं होने के कारण एथेनॉल उद्योग की निर्भरता मक्का पर बढ़ी है। इसका असर घरेलू बाजार में मांग और कीमतों पर पड़ रहा है। करीब डेढ़ महीने के दौरान मक्का के भाव में 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है।
जयपुर मंडी में 2,825 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचा भाव
जयपुर मंडी में गुरुवार को मक्का का थोक भाव 2,825 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। मंडी कारोबारी विजय माहेश्वरी के अनुसार, मक्का की मांग कई क्षेत्रों से बनी हुई है।एथेनॉल कंपनियों के अलावा पोल्ट्री फीड, पशु आहार और स्टार्च प्रोसेसिंग प्लांट भी लगातार मक्का खरीद रहे हैं। इन क्षेत्रों से बनी मांग के कारण बाजार में मक्का की खपत बढ़ी है। वहीं, आवक और उपलब्ध स्टॉक की स्थिति भी कीमतों को प्रभावित कर रही है।
मानसून की कमी से खरीफ उत्पादन प्रभावित होने की आशंका
मक्का उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की कमी के कारण खरीफ फसल के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विजय माहेश्वरी के अनुसार, बारिश की कमी से कुछ क्षेत्रों में मक्का की पैदावार प्रभावित हुई है।यदि उत्पादन में कमी आती है और औद्योगिक मांग बनी रहती है, तो बाजार में उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है। इससे किसानों को बेहतर भाव मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन और बाजार में आवक का आकलन फसल की कटाई तथा मंडियों में पहुंचने वाली उपज के बाद ही स्पष्ट होगा।
MSP से ऊपर चल रहे हैं मक्का के भाव
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मक्का की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर चल रही हैं। बिहार की मक्का के हरियाणा में डिलीवरी भाव करीब 3,150 रुपये प्रति क्विंटल बताए जा रहे हैं।वहीं, राजस्थान की चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, कोटा और बारां सहित विभिन्न मंडियों में मक्का की आवक जारी है। इन मंडियों में प्रतिदिन करीब 5 लाख बोरी मक्का उतरने की जानकारी दी गई है। हालांकि, इस आवक के आंकड़े और अलग-अलग मंडियों के भाव की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
नेपाल और बांग्लादेश को निर्यात से भी मांग को सहारा
मक्का की घरेलू मांग के साथ पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश को होने वाला निर्यात भी बाजार को प्रभावित कर रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्यात की मांग और हाजिर बाजार में सीमित आवक के कारण कीमतों को समर्थन मिल रहा है।मक्का का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन के अलावा पशु आहार, पोल्ट्री फीड और स्टार्च उद्योग में भी होता है। इस वजह से इसकी मांग कई क्षेत्रों से बनी हुई है। बाजार में आपूर्ति, उत्पादन और निर्यात की स्थिति आने वाले समय में कीमतों की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे।
किसानों और कारोबारियों की नजर बाजार भाव पर
मक्का के भाव में आई तेजी से किसानों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। वहीं, पोल्ट्री फीड, पशु आहार और स्टार्च उद्योग से जुड़े कारोबारियों के लिए कच्चे माल की लागत बढ़ सकती है।एथेनॉल कंपनियों की खरीद, खरीफ उत्पादन और मंडियों में आवक के आंकड़े आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेंगे। फिलहाल मक्का की बढ़ती औद्योगिक मांग ने राजस्थान सहित कई राज्यों के कृषि बाजारों में इसकी कीमतों को चर्चा में ला दिया है।