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दिल्ली की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में अलवर से जाएंगे 11 हजार लोग, टीकाराम जूली का दावा

अलवर। दिल्ली में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को लेकर राजस्थान में तैयारियां तेज हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया है कि अलवर जिले से करीब 11 हजार लोग रैली में शामिल होंगे। उन्होंने राजस्थान से लगभग एक लाख और देशभर से करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान जताया है। जूली के अनुसार, रैली का उद्देश्य संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े सवालों को उठाना है।

अलवर से 11 हजार लोगों के शामिल होने का दावा

कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर अलवर जिले में भी तैयारियां की जा रही हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जिले से करीब 11 हजार लोग दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि रैली में भागीदारी के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच संपर्क किया जा रहा है।जूली के मुताबिक, रैली को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। बड़ी संख्या में लोगों के दिल्ली जाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, अलवर से वास्तव में कितने लोग रैली में शामिल होंगे, इसकी पुष्टि आयोजन के दौरान ही हो सकेगी।

राजस्थान से एक लाख और देशभर से 10 लाख लोगों का अनुमान

टीकाराम जूली ने दावा किया कि दिल्ली में होने वाली रैली में राजस्थान से लगभग एक लाख लोग पहुंच सकते हैं। वहीं, देशभर से करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना जताई।उनके अनुसार, इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हो सकते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के मुद्दे पर आवाज उठाने वाले लोगों की भागीदारी की भी उम्मीद जताई गई है।ये आंकड़े जूली की ओर से लगाए गए अनुमान हैं। रैली में शामिल होने वाले लोगों की वास्तविक संख्या कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगी।

‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में उठेंगे मताधिकार के मुद्दे

जूली ने कहा कि रैली का प्रमुख उद्देश्य संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए।उनके अनुसार, मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। कांग्रेस इस रैली के जरिए इन मुद्दों पर अपनी बात जनता तक पहुंचाना चाहती है।हालांकि, SIR से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों का आकलन निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य संगठनों की भागीदारी की उम्मीद

टीकाराम जूली के अनुसार, रैली में कांग्रेस के साथ अन्य राजनीतिक दलों के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी की भी उम्मीद है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर चिंतित लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं। पार्टी की ओर से अधिक से अधिक लोगों तक रैली का संदेश पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।रैली में विभिन्न संगठनों की वास्तविक भागीदारी और उनकी संख्या आयोजन के दिन सामने आएगी।

आजादी के बाद सबसे बड़े प्रदर्शन का दावा

रैली के प्रभाव को लेकर टीकाराम जूली ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि आजादी के बाद देश में इतना बड़ा प्रदर्शन देखने को नहीं मिला है।यह जूली का राजनीतिक दावा है। रैली में वास्तविक भागीदारी, आयोजन के पैमाने और अन्य प्रदर्शनों से तुलना के लिए प्रमाणित आंकड़े जरूरी होंगे।फिलहाल कांग्रेस की तैयारियां दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जारी हैं। अब सभी की नजर 1 नवंबर को होने वाली रैली और उसमें लोगों की भागीदारी पर रहेगी।

रैली को लेकर तैयारियों पर नजर

‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के जरिए कांग्रेस मतदाता सूची, मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाने की तैयारी में है।अलवर से 11 हजार और राजस्थान से एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। हालांकि, अंतिम संख्या और रैली का वास्तविक स्वरूप कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगा।


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Stv News Rajasthan

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