पाकिस्तानी जासूसी केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, झबरा राम की जमानत रद्द; 2 सप्ताह में सरेंडर के आदेश
राजस्थान से जुड़े पाकिस्तानी जासूसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी झबरा राम की जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने उसे दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट या जांच एजेंसी के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर राजस्थान सरकार उसे हिरासत में लेने की कार्रवाई कर सकती है। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी में तकनीकी कमियों का हवाला देते हुए उसे जमानत दी थी। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया हाईकोर्ट का जमानत आदेश
पाकिस्तानी हैंडलर्स को कथित तौर पर खुफिया जानकारी देने के आरोपी झबरा राम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट के जमानत आदेश को रद्द कर दिया।अदालत ने आरोपी को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट या जांच एजेंसी के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि में सरेंडर नहीं करने पर राजस्थान सरकार उसे हिरासत में लेने की कार्रवाई कर सकती है।इस फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। अब आरोपी को अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने मई 2026 में दी थी जमानत
झबरा राम को राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने 30 जनवरी 2026 को जैसलमेर से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी को संदेह था कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को संवेदनशील जानकारी भेज रहा था।मई 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में तकनीकी कमियों को आधार बनाते हुए उसे जमानत दे दी थी। राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का जमानत आदेश रद्द कर दिया। अब आरोपी के सरेंडर और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
सोशल मीडिया के जरिए खुफिया जानकारी भेजने का आरोप
जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि जैसलमेर निवासी झबरा राम सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था और उन्हें कथित तौर पर खुफिया जानकारी भेज रहा था।इस सूचना के आधार पर सीआईडी इंटेलिजेंस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था। मामले में सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों और कथित गतिविधियों की जांच कर रही हैं।हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
पूछताछ में सुमित कुमार का नाम भी आया
जांच के दौरान झबरा राम से पूछताछ में सुमित कुमार का नाम सामने आने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद राजस्थान इंटेलिजेंस ने एयरफोर्स इंटेलिजेंस, नई दिल्ली के साथ समन्वय कर कार्रवाई की।बताया गया कि सुमित कुमार को असम के चबुआ से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियां इस मामले में कथित संपर्कों और अन्य संबंधित पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
अब आगे क्या होगी कानूनी कार्रवाई?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद झबरा राम को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। यदि वह निर्धारित अवधि में आत्मसमर्पण नहीं करता, तो राजस्थान सरकार उसे हिरासत में लेने की कार्रवाई कर सकती है।मामले में आगे की जांच के दौरान कथित जासूसी गतिविधियों, सोशल मीडिया संपर्कों और अन्य संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।