जयपुर में नकली नोटों की बड़ी खेप पकड़ी, 3.45 लाख की फेक करेंसी के साथ युवक गिरफ्तार
जयपुर: दीपावली से पहले जयपुर पुलिस ने नकली नोटों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3.45 लाख रुपए की फेक करेंसी बरामद की है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम (CST) ने भट्टा बस्ती थाना क्षेत्र में दबिश देकर एक युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 500-500 रुपए के नकली नोट मिले हैं। शुरुआती पूछताछ में उसने नकली नोट पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके से लाने की बात कही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली करेंसी कहां तैयार की गई और इसे बाजार में खपाने के नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।
देर रात दबिश देकर CST ने आरोपी को पकड़ा
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए नकली नोटों की खेप पकड़ी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक की पहचान शाहबाज खान के रूप में हुई है। वह जयपुर के नाहरी का नाका स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का निवासी बताया गया है।स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशन) ओमप्रकाश के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से 3 लाख 45 हजार रुपए मूल्य के नकली नोट बरामद हुए। सभी नोट 500-500 रुपए के बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के बाद CST ने आरोपी को भट्टा बस्ती थाना पुलिस के हवाले कर दिया। अब संबंधित थाने में दर्ज मामले के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
पुरानी दिल्ली से नकली नोट लाने की बात आई सामने
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने नकली नोट पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद के आसपास के इलाके से लाने की बात कही है। बताया जा रहा है कि वह इन्हें त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में चलाने की तैयारी में था।पूछताछ में एक लाख रुपए की असली करेंसी के बदले तीन लाख रुपए के नकली नोट देने की कथित डील का जिक्र भी सामने आया है। हालांकि, इस लेनदेन और नोटों के वास्तविक स्रोत की पुष्टि अभी जांच का विषय है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने नोट किससे खरीदे और इस कारोबार में उसकी भूमिका क्या थी।
एक नोट पर मिले दो अलग-अलग सीरियल नंबर
पुलिस के मुताबिक, बरामद नोट पहली नजर में असली करेंसी जैसे दिखाई देते हैं। हालांकि, ध्यान से देखने पर उनके कागज और छपाई की गुणवत्ता में अंतर नजर आता है।जांच के दौरान एक नोट पर ऊपर और नीचे अलग-अलग सीरियल नंबर अंकित मिले। इस अंतर ने नोटों के नकली होने की आशंका को मजबूत किया। पुलिस अब बरामद करेंसी की जांच के साथ यह भी पता लगा रही है कि नकली नोट तैयार करने के लिए किस तरह की छपाई तकनीक और सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
त्योहारों के दौरान नकली नोट खपाने की आशंका
दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर बाजारों में खरीदारी और नकदी का लेनदेन बढ़ जाता है। पुलिस को आशंका है कि इसी अवधि में नकली नोटों को बाजार में चलाने की कोशिश की जा रही थी।CST की कार्रवाई के बाद अब पुलिस आरोपी के संपर्कों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि नकली नोटों की खेप केवल जयपुर में खपाने के लिए लाई गई थी या इसका नेटवर्क अन्य शहरों तक फैला हुआ है।
भट्टा बस्ती थाना पुलिस करेगी आगे की जांच
कार्रवाई के बाद आरोपी को भट्टा बस्ती थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस अब बरामद नोटों के स्रोत, कथित खरीद-फरोख्त और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि आरोपी ने इससे पहले नकली नोटों का लेनदेन किया था या नहीं। इसके अलावा, पुरानी दिल्ली में बताए गए स्रोत और जयपुर में संभावित खरीदारों की जानकारी जुटाना भी जांच का हिस्सा होगा। फिलहाल मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
नकली नोट मिलने पर सतर्क रहना जरूरी
नकली नोटों के कारोबार से आम लोगों और कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए नकदी लेते समय नोट की छपाई, सुरक्षा विशेषताओं और अन्य निर्धारित पहचान चिह्नों पर ध्यान देना जरूरी है।यदि किसी नोट पर संदेह हो, तो उसे आगे चलाने की कोशिश करने के बजाय बैंक या संबंधित अधिकारियों से जांच करानी चाहिए। जयपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस की नजर नकली करेंसी के संभावित नेटवर्क पर है। अब जांच से यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।