अलवर में मंदिर में दुर्गा माता की मूर्ति खंडित, कॉलोनीवासियों में आक्रोश; दोषियों पर कार्रवाई की मांग
अलवर। शहर के एनईबी थाना क्षेत्र की प्रीतम विहार कॉलोनी के सेक्टर-7 स्थित पार्क में बने मंदिर में दुर्गा माता की मूर्ति खंडित किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना दशहरे के दिन हुई थी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद कॉलोनीवासियों में नाराजगी है। लोगों ने धार्मिक स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मामले की सूचना मिलने पर एनईबी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस ने लोगों को एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
दशहरे के दिन मंदिर में मूर्ति खंडित होने का आरोप
प्रीतम विहार कॉलोनी के सेक्टर-7 स्थित पार्क में एक मंदिर बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी मंदिर में स्थापित दुर्गा माता की मूर्ति को खंडित किया गया। लोगों का कहना है कि घटना दशहरे के दिन हुई थी। इस घटना से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की बात कहते हुए कॉलोनीवासियों ने नाराजगी जताई है।लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। घटना के पीछे कौन जिम्मेदार है, इसका पता लगाकर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
कॉलोनीवासियों ने मंदिर की सुरक्षा पर उठाए सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मंदिर और पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि धार्मिक स्थल की नियमित निगरानी होनी चाहिए। इससे असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।लोगों ने प्रशासन और पुलिस से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। इसके साथ ही मंदिर परिसर की नियमित देखरेख और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई गई है।
पार्क और दुकानों के आसपास शराब पीने का आरोप
कॉलोनीवासियों ने पार्क और आसपास की दुकानों के पास रात के समय होने वाली गतिविधियों को लेकर भी शिकायत की है। लोगों का आरोप है कि कुछ लोग रात में यहां बैठकर शराब पीते हैं और अभद्र गतिविधियां करते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन गतिविधियों से क्षेत्र का माहौल प्रभावित होता है।लोगों ने मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। इसके लिए नियमित पुलिस गश्त और आवश्यक निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए। कॉलोनीवासियों का कहना है कि पार्क का उपयोग लोगों की सुविधा और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए। ऐसे में वहां शांति और सुरक्षा बनाए रखना जरूरी है।हालांकि, शराब पीने और अन्य गतिविधियों को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विश्व हिंदू परिषद ने प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने भी नाराजगी जताई है। संगठन के जिला मंत्री बृजेंद्र खंडेलवाल ने प्रशासन से मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियमित देखरेख की व्यवस्था करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए। इसके बाद उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की जरूरत है।विश्व हिंदू परिषद की ओर से उठाई गई मांगों में दोषियों की पहचान, कानूनी कार्रवाई और धार्मिक स्थल की सुरक्षा प्रमुख हैं। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करे और आवश्यक कदम उठाए।
मौके पर पहुंची पुलिस, स्थानीय लोगों से जुटाई जानकारी
मंदिर में मूर्ति खंडित होने की सूचना मिलने के बाद एनईबी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी सुनील लाल मीणा के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई।पुलिस ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनके बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।फिलहाल, घटना से जुड़े तथ्यों की जांच और जिम्मेदार लोगों की पहचान महत्वपूर्ण है। जांच के आधार पर ही घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने का आश्वासन
स्थानीय लोगों ने मंदिर की सुरक्षा के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की मांग की है। इस पर पुलिस की ओर से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और स्थानीय निवासियों में सुरक्षा का विश्वास बनाए रखना है।कॉलोनीवासियों का कहना है कि केवल कार्रवाई का आश्वासन पर्याप्त नहीं है। मंदिर और पार्क के आसपास नियमित निगरानी भी जरूरी है। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस शिकायत पर कार्रवाई करेगी और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
जांच और कार्रवाई पर टिकी स्थानीय लोगों की नजर
प्रीतम विहार कॉलोनी के सेक्टर-7 में सामने आए इस मामले के बाद स्थानीय लोग पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएं।इसके साथ ही मंदिर परिसर की सुरक्षा, पार्क में अनुचित गतिविधियों पर रोक और नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। अब मामले में एफआईआर दर्ज होने और पुलिस जांच आगे बढ़ने के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।