कोटा नहर हादसा: 18 घंटे बाद मिले चारों युवकों के शव, दो चचेरे भाइयों की भी मौत
कोटा के कोटड़ी नहर क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलटने से चार युवकों की मौत हो गई। मंगलवार शाम हुए हादसे के बाद लापता युवकों की तलाश के लिए करीब 18 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। बुधवार सुबह एक-एक कर चारों के शव बरामद किए गए। मृतकों में दो चचेरे भाई भी शामिल हैं। जिन परिवारों में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा है। इस घटना के बाद विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मंगलवार शाम नाव पलटने से नहर में डूबे सात लोग
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे कोटा के कोटड़ी नहर क्षेत्र में नाग-नागिन मंदिर के पास दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलट गई। नाव में सवार सात लोग पानी में गिर गए और डूबने लगे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव के प्रयास शुरू किए। तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन चार युवक पानी के तेज बहाव में लापता हो गए। सूचना मिलने पर नगर निगम की गोताखोर टीम, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे। इसके बाद लापता युवकों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया।
सुबह दोबारा शुरू हुआ रेस्क्यू, एक-एक कर मिले शव
मंगलवार शाम से देर रात तक बचाव दलों ने युवकों की तलाश की। हालांकि, अंधेरा और पानी का बहाव अभियान में चुनौती बने रहे। बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे रेस्क्यू टीमों ने फिर से तलाश शुरू की।सबसे पहले विकास वर्मा उर्फ सुमन (22) और सूरज सिंह (22) के शव बरामद किए गए। इसके बाद स्थानीय मछुआरों, नाविकों और गोताखोरों ने भी तलाश में सहयोग किया। उनकी मदद से एशू जोशी (19) का शव मिला। कुछ समय बाद राहुल जोशी (18) का शव भी बरामद कर लिया गया।जानकारी के अनुसार, चारों युवकों के शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर मिले। सभी शव बरामद होने के साथ ही करीब 18 घंटे से चल रहा रेस्क्यू अभियान समाप्त हो गया।
दो चचेरे भाइयों की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में जान गंवाने वाले एशू जोशी और राहुल जोशी आपस में चचेरे भाई थे। दोनों की मौत की खबर से परिवार में शोक छा गया। अन्य दो युवकों की मौत ने भी उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।जिन घरों में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर उत्साह था, वहां अब अपनों को खोने का दर्द है। शव बरामद होने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नहर में नाव पलटने से चार युवकों की मौत के बाद विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों के मन में यह सवाल है कि नाव में सवार लोगों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएं थीं और हादसे को रोकने के लिए जरूरी सावधानियां बरती गई थीं या नहीं।धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग विसर्जन स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में नाव की क्षमता, सुरक्षित आवागमन, प्रशिक्षित बचावकर्मियों की उपलब्धता और जरूरी सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। इस घटना के बाद इन पहलुओं की समीक्षा जरूरी मानी जा रही है।
हादसे के कारणों की जांच जरूरी
कोटा की इस घटना ने शहर को झकझोर दिया है। चार युवकों की मौत के बाद प्रशासन के सामने हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े सवालों की पड़ताल करना महत्वपूर्ण है।जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि नाव किन परिस्थितियों में पलटी और विसर्जन के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन और बचाव व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है, ताकि धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों की जान जोखिम में न पड़े।