धौलपुर में शरद महोत्सव की तैयारी पर बैठक, सीवरेज और सफाई की समस्याओं पर पार्षदों ने जताई नाराजगी
धौलपुर नगर परिषद सभागार में ऐतिहासिक शरद महोत्सव की तैयारियों को लेकर पार्षदों की बैठक हुई। बैठक में मेले की व्यवस्थाओं के साथ शहर की सीवरेज, जलभराव, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसी समस्याएं भी उठीं। सभापति गिरीश कुमार गर्ग ने बजट और संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए सुधार का भरोसा दिलाया। वहीं, शरद महोत्सव से पहले मचकुंड रोड की सफाई, वार्डों में सफाई और दवा छिड़काव अभियान चलाने की बात कही गई। बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
शरद महोत्सव की बैठक में शहर की समस्याओं पर चर्चा
धौलपुर नगर परिषद सभागार में ऐतिहासिक शरद महोत्सव के आयोजन को लेकर पार्षदों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मेले की तैयारियों पर चर्चा करना था। हालांकि, पार्षदों ने शहर की बुनियादी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। सीवरेज, जलभराव, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई गई। पार्षदों का कहना था कि वार्डों में समस्याएं बनी हुई हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शरद महोत्सव को भव्य बनाने के लिए बेहतर व्यवस्थाएं करने की मांग भी उठी।
बजट और संसाधनों की कमी का दिया हवाला
नगर परिषद सभापति गिरीश कुमार गर्ग ने पार्षदों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि इनके समाधान के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीवरेज और जलभराव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त बजट की जरूरत है। इसके अलावा, परिषद के पास संसाधनों और कर्मचारियों की भी कमी है। सभापति के अनुसार, प्रशासन व्यवस्थाओं को धीरे-धीरे सुधारने का प्रयास कर रहा है। इसमें समय लग सकता है।वहीं, आयुक्त विष्णु परमार ने कहा कि जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसका समाधान तुरंत संभव नहीं है। इसके लिए समय और बजट दोनों की जरूरत है। हालांकि, पार्षदों ने बैठक में अपने-अपने वार्डों की समस्याएं उठाना जारी रखा।
शरद महोत्सव से पहले मचकुंड रोड की होगी सफाई
सभापति गिरीश कुमार गर्ग ने शरद महोत्सव से पहले मचकुंड रोड की सफाई कराने का भरोसा दिलाया। सड़क किनारे डेरा डालकर रह रहे लोगों को हटाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की बात कही गई। इसके अलावा, मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए बुधवार से शहर के सभी वार्डों में सफाई और दवा छिड़काव अभियान शुरू करने की जानकारी दी गई।बैठक में दशहरा आयोजन को लेकर भी चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक रामलीला का मंचन होगा। पार्षदों ने मेले और दशहरा आयोजन के दौरान साफ-सफाई तथा प्रमुख मार्गों की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर दिया।
फोन नहीं उठाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी
बैठक में पार्षदों ने सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क करने पर कई बार नगर परिषद के कर्मचारी फोन नहीं उठाते। इससे वार्डों की शिकायतों का निस्तारण प्रभावित होता है।इस पर सभापति ने स्पष्ट किया कि यदि कोई कर्मचारी पार्षदों के फोन नहीं उठाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नालों की सफाई के दौरान उन्हें नुकसान से बचाने के लिए नई मशीन लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सफाई कार्य को बेहतर बनाना और नालों को क्षतिग्रस्त होने से बचाना है।
निर्माण कार्यों में डस्ट पर रोक, एम-सैंड के इस्तेमाल के निर्देश
सभापति ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संवेदक निर्माण कार्य में डस्ट का उपयोग करता है, तो उसका भुगतान नहीं किया जाएगा। अब निर्माण कार्यों में एम-सैंड और बजरी के उपयोग पर जोर दिया जाएगा।सभापति के अनुसार, डस्ट के इस्तेमाल से सीसी सड़कें और पुलिया जल्दी खराब हो सकती हैं। इसलिए संवेदकों को 50 प्रतिशत एम-सैंड का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पार्षदों से भी कार्य करने वालों के साथ उचित व्यवहार रखने और किसी भी शिकायत की जानकारी सीधे देने को कहा गया।
पुरानी नगर परिषद बिल्डिंग को मिलेगा हेरिटेज लुक
बैठक में धौलपुर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। पुरानी नगर परिषद बिल्डिंग को हेरिटेज लुक देने की योजना सामने रखी गई। इसके बाद यहां होटल और हेरिटेज रेस्टोरेंट शुरू करने की संभावना पर विचार किया जाएगा।इसके अलावा, मचकुंड रोड को सुंदर बनाने और राजाखेड़ा बाइपास पर डिवाइडर लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इन योजनाओं का उद्देश्य शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ यातायात और पर्यटन सुविधाओं में सुधार करना है। हालांकि, इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन की विस्तृत समयसीमा सामने आना बाकी है।
उपसभापति रेखा कोली के बैठने की व्यवस्था पर चर्चा
बैठक के दौरान उपसभापति रेखा कोली के बैठने की व्यवस्था भी चर्चा का विषय रही। बैठक में तय प्रोटोकॉल के पालन को लेकर सवाल उठे। रेखा कोली एक ओर साइड मंच पर बैठी नजर आईं, जबकि अन्य अधिकारी और इंजीनियर सभापति के आसपास बैठे थे। इस व्यवस्था को लेकर बैठक में मौजूद लोगों के बीच चर्चा रही।
शहर की समस्याओं के समाधान और मेले की व्यवस्थाओं पर नजर
बैठक में उठे मुद्दों से स्पष्ट हुआ कि शरद महोत्सव की तैयारियों के साथ शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार भी पार्षदों की प्राथमिकता है। सीवरेज, जलभराव और सफाई जैसी समस्याओं के समाधान के लिए पार्षदों ने परिषद से ठोस कदम उठाने की मांग की। अब मचकुंड रोड की सफाई, वार्डों में अभियान और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर दिए गए निर्देशों पर अमल महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं, शरद महोत्सव की व्यवस्थाओं और शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्तावों की प्रगति पर भी लोगों की नजर रहेगी।