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UPI पर MDR का फैसला टला, जयराम रमेश बोले- क्या सरकार फिर लेगी U-Turn?

UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की प्रस्तावित तारीख फिलहाल टाल दी गई है। पहले इसे 15 अक्टूबर 2026 से लागू करने की बात कही गई थी। अब यह व्यवस्था दिवाली के बाद लागू किए जाने की संभावना है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अपने फैसले से एक बार फिर पलटने की तैयारी कर रही है। हालांकि, फिलहाल MDR का फैसला रद्द नहीं हुआ है, बल्कि इसके लागू होने की तारीख टाली गई है।

UPI पर MDR लागू करने का फैसला फिलहाल टला

डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के फैसले को फिलहाल टाल दिया गया है। पहले इसे 15 अक्टूबर 2026 से लागू करने की तैयारी थी।अब इस व्यवस्था को दिवाली के बाद लागू करने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए तारीख आगे बढ़ाने की जानकारी दी है।नई तारीख की घोषणा अलग से किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि MDR व्यवस्था किस दिन से लागू होगी।

जयराम रमेश ने सरकार पर कसा तंज

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने MDR के फैसले को टालने पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार के रुख पर सवाल उठाए।जयराम रमेश के अनुसार, 6 अगस्त 2026 को और फिर चार दिन बाद संसद में वित्त मंत्री ने UPI पर MDR लागू करने की किसी योजना से इनकार किया था।इसके बाद 15 सितंबर को सरकार की ओर से UPI पर MDR लगाने का ऐलान किए जाने का दावा किया गया। जयराम रमेश ने इसे सरकार का U-Turn बताया।उन्होंने सवाल किया कि जब MDR लागू करने की तारीख अब दिवाली के बाद तक टाल दी गई है, तो क्या सरकार अपने पहले फैसले से फिर पलटने की तैयारी कर रही है?

क्या है मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR)?

मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी के लेनदेन पर लगाया जा सकता है। यह शुल्क लागू होने पर इसकी दर और भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित नियमों पर निर्भर करेगी।UPI के जरिए भुगतान करना आम लोगों और कारोबारियों के लिए रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। ऐसे में MDR लागू करने के फैसले का असर डिजिटल भुगतान से जुड़े व्यापारियों और भुगतान व्यवस्था पर पड़ सकता है।हालांकि, इस मामले में लागू होने वाली अंतिम दरों और शुल्क का वास्तविक असर संबंधित आधिकारिक दिशानिर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

क्या सरकार ने MDR का फैसला रद्द कर दिया?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार ने MDR लागू करने का फैसला पूरी तरह रद्द नहीं किया है। केवल इसकी प्रस्तावित तारीख आगे बढ़ाई गई है।पहले 15 अक्टूबर 2026 से व्यवस्था लागू होने की बात कही गई थी। अब इसे दिवाली के बाद लागू करने की जानकारी सामने आई है।नई तारीख की आधिकारिक घोषणा होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि व्यवस्था कब से प्रभावी होगी। इसलिए इसे पूरी तरह वापस लिया गया फैसला मानना सही नहीं होगा।

UPI और डिजिटल भुगतान पर फैसले की नजर

MDR लागू करने की तारीख टलने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। कांग्रेस ने सरकार के रुख में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं।वहीं, व्यापारियों और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करने वाले लोगों की नजर अब आगे जारी होने वाले दिशानिर्देशों पर रहेगी। नई तारीख और शुल्क से जुड़ी शर्तें सामने आने के बाद ही इसके प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

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Stv News Rajasthan

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