CJI से मुलाकात की बात गलत, 300 से ज्यादा वकीलों के मार्च पर अभिषेक मनु सिंघवी का बयान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के नेताओं और वकीलों के मार्च को लेकर कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मार्च को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात से जोड़ना गलत है। उनके मुताबिक, 300 से 400 वकील और अन्य लोग सुप्रीम कोर्ट से कनॉट प्लेस तक गए। वहीं, INDIA गठबंधन के आठ नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट से कनॉट प्लेस तक निकाला मार्च
कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने वकीलों के मार्च को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि विपक्षी दलों के नेताओं के साथ 300 से 400 वकील मार्च में शामिल हुए। यह मार्च सुप्रीम कोर्ट से कनॉट प्लेस तक निकाला गया और फिर प्रतिभागी वापस लौटे।सिंघवी ने स्पष्ट किया कि इस मार्च का मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करने से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि इसमें बड़ी संख्या में चिंतित और असंतुष्ट नागरिक भी शामिल हुए। उनके अनुसार, यह कदम विरोध दर्ज कराने और कानूनी रास्ता अपनाने से जुड़ा था।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर उठाए सवाल
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के मुद्दे पर भी अभिषेक मनु सिंघवी ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने से रोकने के लिए प्रतिबंधों का इस्तेमाल किया जा रहा है।सिंघवी के मुताबिक, पहले भी जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से नहीं हटाए जाने के बावजूद लोगों को वहां जाने से रोका गया था। उन्होंने इस स्थिति को सत्ता के गलत इस्तेमाल से जोड़कर देखा। हालांकि, ये आरोप सिंघवी की ओर से लगाए गए हैं।
INDIA गठबंधन के आठ नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के आठ नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका दाखिल करने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हैं।इसके अलावा, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, संजय राउत, एम. ए. बेबी और डी. राजा के नाम भी शामिल हैं। इस कानूनी कदम के जरिए विपक्ष ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को अदालत के सामने उठाया है। याचिका पर आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
मार्च में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी हुए शामिल
विपक्षी नेताओं के मार्च में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेता शामिल हुए। इस दौरान चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध जताया गया।कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों से लोग प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर सरकार और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।चन्नी ने हरियाणा, असम और बिहार में मतदाता सूची तथा चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। उन्होंने पंजाब में भी ऐसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई। ये आरोप विपक्षी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
चुनाव आयोग और कानूनी प्रक्रिया पर टिकी नजरें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध अब मार्च और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के रूप में सामने आया है। अभिषेक मनु सिंघवी ने मार्च को CJI से मुलाकात से जोड़ने पर आपत्ति जताई है। वहीं, विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए हैं।अब मामले में सुप्रीम कोर्ट की आगे की कार्यवाही और संबंधित पक्षों के जवाब पर नजर रहेगी। याचिका में उठाए गए मुद्दों पर कानूनी प्रक्रिया के दौरान स्थिति स्पष्ट हो सकती है।