भीलवाड़ा: डिप्लोमा और सरकारी नौकरी का झांसा देकर युवतियों को ब्लैकमेल करने का आरोप, POCSO में केस दर्ज
राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में आयुर्वेदिक डिप्लोमा कराने और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर युवतियों को कथित तौर पर फंसाने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। एक नाबालिग के साथ अनुचित व्यवहार करने और उसे बदनाम करने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।
डिप्लोमा और सरकारी नौकरी का दिया भरोसा
गांधीनगर थाना प्रभारी पुष्पा कासौटिया के अनुसार, एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। परिवादी का आरोप है कि उसकी बेटी को ड्रीम लाइफ युनि लेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर आयुर्वेदिक डिप्लोमा कराने और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था।शिकायत के मुताबिक, इसी बहाने युवती को भीलवाड़ा में सौ फीट रोड स्थित कार्यालय बुलाया गया। परिवादी ने आरोप लगाया कि कार्यालय पहुंचने के बाद उसकी बेटी का मोबाइल फोन अपने पास रख लिया गया। इसके बाद युवती और अन्य लड़कियों को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने की घटनाएं सामने आईं।
कई लोगों के नाम शिकायत में शामिल
परिवादी ने अपनी शिकायत में महावीर नुवाल, सुमन जाट, चन्द्रकला गुर्जर, बुधिराज, नरेश और हेमंत सहित अन्य लोगों के नाम दिए हैं। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर युवतियों को अपने जाल में फंसाने और ब्लैकमेल करने की गतिविधियां संचालित कीं।हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस नामजद व्यक्तियों की भूमिका और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नाबालिग को अनुचित वीडियो दिखाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, महावीर नुवाल पर नाबालिग को मोबाइल फोन पर अनुचित वीडियो दिखाने और उसके प्रति गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि युवती को बदनाम करने की धमकी दी गई थी।बताया गया कि इस घटनाक्रम से परेशान होकर नाबालिग ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। मामले में नाबालिग की सुरक्षा और उसकी पहचान की गोपनीयता महत्वपूर्ण है।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी
शिकायत मिलने के बाद गांधीनगर थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, नामजद व्यक्तियों की भूमिका और अन्य संभावित पीड़ितों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आरोपियों की भूमिका और घटनाओं की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। सरकारी नौकरी और डिप्लोमा दिलाने के नाम पर किसी भी संस्थान या व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक मान्यता और दावों की पुष्टि करना भी जरूरी है।