खैरथल-तिजारा: खेत में कीटनाशक छिड़कते समय किसान की मौत, दो छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास क्षेत्र के घासोली गांव में 28 वर्षीय किसान महेंद्र गुर्जर की मौत हो गई। वह प्याज की फसल पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहा था, तभी उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह खेत में बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे अलवर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। महेंद्र दो छोटे बच्चों का पिता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।
खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते समय बिगड़ी तबीयत
खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र के घासोली गांव में खेत पर काम करते समय किसान महेंद्र गुर्जर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। 28 वर्षीय महेंद्र प्याज की फसल पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहा था। इसी दौरान उसे चक्कर आने लगे और वह खेत में बेहोश होकर गिर पड़ा।जानकारी के अनुसार, उस समय खेत में उसकी मदद के लिए कोई मौजूद नहीं था। काफी देर तक महेंद्र के घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। वे उसे तलाशते हुए खेत पहुंचे। वहां महेंद्र को अचेत अवस्था में देखकर परिजनों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
अलवर जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
महेंद्र की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उसे अलवर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। परिवार को उम्मीद थी कि महेंद्र की हालत में सुधार होगा, लेकिन उसकी स्थिति गंभीर बनी रही।सोमवार सुबह उपचार के दौरान महेंद्र की मौत हो गई। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया। अचानक हुई इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है।
दो छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
महेंद्र गुर्जर अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य बताया जा रहा है। उसके दो छोटे बच्चे हैं और परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। ऐसे में उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।पिता को खोने के बाद दोनों बच्चों के भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। खेती-किसानी से परिवार का जीवनयापन करने वाले महेंद्र की मौत ने परिजनों को गहरा सदमा दिया है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते समय महेंद्र की तबीयत बिगड़ी थी।हालांकि, उसकी मौत का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। कीटनाशक के संपर्क में आने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी।
खेतों में कीटनाशक का इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी
खेती में कीटनाशकों का उपयोग करते समय सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है। छिड़काव के दौरान उपयुक्त सुरक्षा उपकरण पहनने, दवा के लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करने और हवा की दिशा का ध्यान रखने से जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।यदि छिड़काव के दौरान चक्कर आना, उल्टी, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो व्यक्ति को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाकर आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। ऐसी स्थिति में दूषित कपड़ों या दवा के सीधे संपर्क से बचना भी जरूरी है।घासोली गांव में किसान की मौत की घटना ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। अब मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित जांच के बाद ही चल सकेगा।