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धौलपुर में नशे के कारोबार पर पुलिस की कार्रवाई, 3.50 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थ जब्त

राजस्थान के धौलपुर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने जनवरी से अगस्त 2026 तक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान तीन दर्जन से अधिक तस्करों को गिरफ्तार करने और 3.50 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के मादक पदार्थ जब्त करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस कार्रवाई में गांजा और डोडा चूरा समेत कई तरह के मादक पदार्थ पकड़े गए। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और 11बी हाईवे को तस्करी के संभावित मार्गों के रूप में बताया गया है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के अनुसार, अभियान आगे भी जारी रहेगा।

आठ महीने में करोड़ों के मादक पदार्थ जब्त

धौलपुर जिला उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटा हुआ है। पुलिस के अनुसार, इन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जिले में मादक पदार्थों की अवैध सप्लाई रोकना चुनौतीपूर्ण है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच चलाए गए अभियान में पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मादक पदार्थ जब्त किए और आरोपियों को गिरफ्तार किया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जब्त मादक पदार्थों की कुल कीमत 3.50 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इनमें गांजा और डोडा चूरा प्रमुख रूप से शामिल हैं। हालांकि, अलग-अलग थानों के आंकड़ों और कुल जब्ती के मूल्य का मिलान आधिकारिक रिकॉर्ड से किया जाना जरूरी है।

हाईवे-44 पर कंटेनर से बड़ी खेप पकड़ी

कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर एक कंटेनर को रोककर मादक पदार्थों की खेप पकड़े जाने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कंटेनर से 541 ग्राम गांजा और 1,101.25 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त किया गया। इस खेप की कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। यह कार्रवाई अभियान की प्रमुख बरामदगियों में शामिल रही। भारी वाहनों के जरिए मादक पदार्थों की सप्लाई की आशंका के चलते पुलिस और अन्य एजेंसियां हाईवे पर निगरानी रख रही हैं। हालांकि, कंटेनर से जुड़े मामले में आरोपियों, सप्लाई के स्रोत और संभावित खरीदारों की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

एनएच-44 और 11बी हाईवे पर तस्करी की आशंका

पुलिस की जानकारी के अनुसार, धौलपुर में मादक पदार्थों की सप्लाई के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और 11बी हाईवे महत्वपूर्ण मार्ग माने जा रहे हैं। भारी वाहनों के जरिए खेप पहुंचाने के अलावा, एकल व्यक्तियों के माध्यम से भी मादक पदार्थों की डिलीवरी किए जाने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि करौली की ओर से सरमथुरा और बाड़ी होते हुए धौलपुर तक सप्लाई पहुंचने की बात सामने आई है। इसके अलावा, करौली के हिंडौन सिटी क्षेत्र का उल्लेख भी किया गया है। इन मार्गों से जुड़ी गतिविधियों पर निगरानी रखना पुलिस के लिए अहम है। किसी खास मार्ग से तस्करी की पुष्टि संबंधित मामलों की जांच और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर ही की जा सकती है।

थानावार कार्रवाई में गांजा, डोडा चूरा और स्मैक जब्त

जनवरी से अगस्त 2026 के बीच जिले के कई थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की गई। उपलब्ध विवरण में कोतवाली, निहालगंज, सैंपऊ, दिहौली, मनियां, राजाखेड़ा, बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा, बाड़ी सदर और आंगई थाने शामिल हैं। इन कार्रवाइयों में गांजा, डोडा चूरा, अफीम और स्मैक जैसे मादक पदार्थ जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है। निहालगंज थाना क्षेत्र में जब्त सामग्री की कीमत 1.65 करोड़ रुपये बताई गई, जबकि राजाखेड़ा में 60.71 लाख रुपये और सरमथुरा में 72.77 लाख रुपये के मादक पदार्थ जब्त होने का विवरण दिया गया है। अलग-अलग थानों के आंकड़ों में मात्रा और कीमत का स्पष्ट मिलान प्रकाशित करने से अभियान की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

पुलिस अधीक्षक बोले- अभियान लगातार जारी रहेगा

धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के अनुसार, मादक पदार्थों की अवैध सप्लाई के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस कार्रवाई के साथ स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें साइबर सुरक्षा के अलावा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि तस्करी पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई और जनजागरूकता दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है। नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी और संदिग्ध गतिविधियों की समय पर सूचना भी महत्वपूर्ण है।

2025 के मुकाबले 2026 में कार्रवाई के आंकड़े

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2025 के दौरान धौलपुर जिले के कुछ थाना क्षेत्रों में गांजा जब्त किया गया था। उस अवधि में कोतवाली, निहालगंज, राजाखेड़ा, बाड़ी, कंचनपुर और नादनपुर थानों की कार्रवाई का विवरण दिया गया है। वहीं, जनवरी से अगस्त 2026 के आंकड़ों में अधिक थाना क्षेत्रों में कार्रवाई और बड़ी कीमत की बरामदगी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, दोनों वर्षों की तुलना करते समय गिरफ्तार आरोपियों की संख्या, जब्त मादक पदार्थों की मात्रा और कीमत का एक समान आधार पर मिलान जरूरी है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि कार्रवाई का दायरा कितना बढ़ा और तस्करी के खिलाफ अभियान का क्या परिणाम रहा।

नशे की तस्करी रोकने के लिए निगरानी और जागरूकता जरूरी

मादक पदार्थों की तस्करी का असर केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता। इससे युवाओं और परिवारों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। सीमावर्ती जिले में हाईवे और अन्य परिवहन मार्गों पर निगरानी, संदिग्ध खेप की जांच तथा सप्लाई नेटवर्क की पहचान महत्वपूर्ण है। पुलिस की कार्रवाई के साथ शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम भी नशे के दुष्प्रभावों को समझाने में मदद कर सकते हैं। धौलपुर पुलिस ने अभियान जारी रखने की बात कही है। अब आगे की कार्रवाई में यह देखना अहम होगा कि जब्त खेप के स्रोत, संभावित खरीदारों और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कितने तथ्य सामने आते हैं।

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Stv News Rajasthan

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