दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी, केजरीवाल और विजयन हिरासत में, BJP ने लगाया अराजकता फैलाने का आरोप
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान शनिवार को दिल्ली में कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन शामिल हैं। प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर किया गया था। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदान के अधिकार को लेकर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा ने प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जताते हुए इसे अराजकता फैलाने की कोशिश बताया।
ममता बनर्जी और केजरीवाल भी हिरासत में
ममता बनर्जी को दिल्ली के साउथ एवेन्यू इलाके में तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ हिरासत में लिया गया। इसी दौरान आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अनियमितताएं हुई हैं और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की प्रक्रिया में गलत काम होने के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
पिनराई विजयन ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और माकपा के कई नेताओं को भी दिल्ली में हिरासत में लिया गया। इनमें पार्टी महासचिव एम.ए. बेबी और राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन सहित अन्य नेता शामिल बताए गए हैं।हिरासत में लिए जाने के बाद विजयन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर केंद्र की NDA सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली को ‘ओपन जेल’ में बदल दिया गया है और पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती के जरिए लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है।विजयन ने कहा कि उनका प्रदर्शन उन कदमों के खिलाफ था, जिनसे लोगों के मतदान के अधिकार कमजोर होने की आशंका है। उन्होंने मतदान के अधिकार को लोकतंत्र का आधार बताया।
केरल में माकपा ने निकाले प्रदर्शन मार्च
दिल्ली में पार्टी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद केरल के अलग-अलग इलाकों में माकपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कोझिकोड में बेपोर के विधायक पी.ए. मोहम्मद रियास के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।रियास ने कहा कि विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों और विरोध के अधिकार के खिलाफ है। उन्होंने संकेत दिया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।कन्नूर में माकपा के जिला सचिव के.के. रागेश ने प्रदर्शन मार्च का नेतृत्व किया। पार्टी की जिला समितियों ने भी विभिन्न स्थानों पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए।
पलक्कड़ में प्रदर्शन के दौरान तनाव
अधिकारियों के मुताबिक, पलक्कड़ में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।दिल्ली में हिरासत की कार्रवाई के बाद केरल में हुए प्रदर्शनों ने मामले को और राजनीतिक रूप दे दिया है। माकपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
भाजपा ने कहा- प्रदर्शन नहीं, अराजकता के खिलाफ हैं
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी दलों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदर्शन के खिलाफ नहीं, बल्कि अराजकता फैलाने की कोशिश के खिलाफ है।प्रसाद ने सवाल किया कि क्या घुसपैठियों को मतदाता बनाया जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आपातकाल का जिक्र करने से पहले अपनी दादी इंदिरा गांधी के कार्यकाल को याद करना चाहिए। प्रसाद ने दावा किया कि जनता ने अराजकता की राजनीति को नकारा है।भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के नाम पर कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। दूसरी ओर, विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जांच तथा चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में तानाशाही जैसी स्थिति बन रही है।प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दावा किया कि 254 सांसदों के साथ मारपीट की गई और उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया। उन्होंने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में बैरिकेडिंग लगाकर आवाजाही सीमित की गई, मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर रोक लगाई गई तथा इंटरनेट बंद किया गया। ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं। इन दावों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्षों का पूरा पक्ष महत्वपूर्ण है।
SIR और चुनाव आयोग को लेकर बढ़ा विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।वहीं, भाजपा ने विपक्ष के प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए हैं। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि चुनाव आयोग और संबंधित प्रशासन इन आरोपों तथा मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।