चित्तौड़गढ़ होटल विवाद में 22 वर्षीय युवक की मौत, बुजुर्ग माता-पिता का इकलौता सहारा छिना
चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में होटल पर खाना खाने के दौरान हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। हथियारों से लैस लोगों के हमले में गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय प्रभुलाल की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। शनिवार को चंदेरिया क्षेत्र में बाजार बंद करवाकर मुख्य मार्ग पर जाम लगाया गया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दिया गया। प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बुजुर्ग माता-पिता का इकलौता बेटा था प्रभुलाल
होटल विवाद में जान गंवाने वाला प्रभुलाल कीर अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता शंकर लाल कीर और मां सब्जियां बेचकर परिवार का गुजारा करते हैं। बेटे की मौत के बाद दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है।प्रभुलाल की पत्नी और एक साल का बच्चा भी उसके परिवार में हैं। घटना के बाद पत्नी बार-बार पति को वापस लाने की गुहार लगाती रही। परिवार की पीड़ा उस समय और बढ़ गई, जब मासूम बच्चे को इस बात का अहसास तक नहीं था कि उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है।परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि परिवार को न्याय मिलने तक मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी जरूरी है।
8 अक्टूबर की रात होटल में हुआ था विवाद
चंदेरिया थाना पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे हाईवे पर रोलाहेड़ा रोड पुलिया के पास स्थित एक होटल में कुछ लोग खाना खा रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई।देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि हथियारों से लैस लोगों ने हमला कर दिया। इस घटना में आकोदिया निवासी और चंदेरिया में रहने वाले प्रभुलाल कीर (22), दीवान सिंह और भरत मीणा गंभीर रूप से घायल हो गए।तीनों को उपचार के लिए चित्तौड़गढ़ स्थित श्रीसांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद प्रभुलाल की हालत गंभीर होने पर उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया।
उदयपुर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
प्रभुलाल को बेहतर उपचार के लिए उदयपुर ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान 9 अक्टूबर की देर शाम उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार में शोक छा गया।शनिवार को उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।प्रभुलाल की मौत की खबर के बाद चंदेरिया और आसपास के क्षेत्र में लोगों में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सहायता देने की मांग उठाई।
चंदेरिया में बाजार बंद करवाकर लगाया जाम
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शनिवार सुबह करीब 11 बजे चंदेरिया क्षेत्र के बाजार बंद करवाए। इसके बाद मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर धरना शुरू कर दिया।प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। इसके साथ ही पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी रखी गई।सूचना मिलने पर बस्सी थाना प्रभारी प्रेम सिंह और चंदेरिया पुलिस चौकी से शंकर लाल पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोपहर करीब 3 बजे पुलिस उप अधीक्षक ग्रामीण दिनेश सुखवाल और स्थानीय तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की।प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सरकार से हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद दोपहर करीब 3:45 बजे धरना समाप्त हुआ। बाजारों में दुकानें फिर खुलने लगीं और मुख्य मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया।
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर रखीं मांगें
कीर समाज के प्रदेशाध्यक्ष हरिवंश कीर और समाज के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई करने, मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी देने और एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।इसके अलावा मृतक के बच्चे की पढ़ाई निशुल्क कराने की मांग भी की गई। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि दस दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस
मृतक के पिता शंकर लाल कीर की रिपोर्ट पर चंदेरिया थाना पुलिस ने लक्की, मोनू खां, गोल्डी खान, राहुल चौहान, अर्जुन भाटी, दिलीप सिंह सहित चार-पांच अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट और हत्या सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।पुलिस के अनुसार, नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है और कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।फिलहाल पुलिस के सामने घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की चुनौती है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वजह और प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।