पाली में दावत के बाद 250 लोगों की तबीयत बिगड़ी, बच्चों समेत कई अस्पताल में भर्ती
पाली। राजस्थान के पाली शहर के प्यारा चौक क्षेत्र में एक दावत के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। शुक्रवार रात आयोजित भोज में खाना खाने के बाद लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। देर रात तक करीब 250 लोगों के बीमार होने की सूचना सामने आई। बीमारों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल बताए गए हैं। कई बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बांगड़ अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों में उपचार की व्यवस्था बढ़ानी पड़ी। फिलहाल बीमारी की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
छिपों की ढाल में आयोजित दावत के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, प्यारा चौक क्षेत्र की छिपों की ढाल में एक भोज आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भोजन किया। रात करीब 12 बजे के बाद कुछ लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। कुछ ही देर में बीमार लोगों की संख्या बढ़ने लगी। परिजन अपने बच्चों और अन्य बीमार सदस्यों को लेकर अस्पताल पहुंचने लगे। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों में हलचल बढ़ गई। शुरुआती जानकारी में दावत के भोजन को बीमारी की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
बच्चों की हालत बिगड़ने से परिजन चिंतित
बीमार लोगों में बच्चों की संख्या अधिक होने से परिवारों की चिंता बढ़ गई। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई गई, जबकि कई अन्य मरीज उल्टी, दस्त और पेट दर्द से परेशान थे। मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार उपचार दिया गया। गंभीर लक्षणों वाले बच्चों को विशेष निगरानी में रखा गया। घटना के बाद परिजन अस्पतालों में अपने बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की सेहत को लेकर चिंतित नजर आए। चिकित्सकीय जांच के आधार पर मरीजों को जरूरी उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
बांगड़ अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में बढ़ी भीड़
बीमार लोगों को बड़ी संख्या में बांगड़ अस्पताल लाया गया। ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की भीड़ बढ़ने पर अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बांगड़ अस्पताल में 41 मरीजों और जनरल अस्पताल में 12 मरीजों को भर्ती कराया गया। इसके अलावा अन्य बीमार लोगों को भी चिकित्सा सहायता दी गई। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर काम का दबाव बढ़ गया। अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त चिकित्सकों को बुलाया।
15 अतिरिक्त चिकित्सकों की लगाई गई ड्यूटी
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा व्यवस्था मजबूत की। प्रिंसिपल एवं नियंत्रक डॉ. ओपी सुथार के अनुसार, 15 अतिरिक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई। मेडिकल कॉलेज से भी प्रोफेसरों को बुलाया गया। ट्रॉमा सेंटर और अन्य वार्डों में मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती का उद्देश्य मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता देना और बढ़ते दबाव के बीच उपचार व्यवस्था बनाए रखना था।
भोजन के नमूनों की जांच से स्पष्ट होगी वजह
दावत के बाद एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, केवल घटनाक्रम के आधार पर भोजन को बीमारी का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता। वास्तविक वजह जानने के लिए भोजन की सामग्री, उसकी तैयारी और भंडारण से जुड़े पहलुओं की जांच जरूरी होगी। यदि खाद्य नमूने लिए जाते हैं, तो उनकी जांच रिपोर्ट से बीमारी के संभावित कारणों का पता लगाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल मामले की पूरी स्थिति जांच और चिकित्सकीय निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगी।
मरीजों की स्थिति पर नजर
पाली में एक ही आयोजन के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की सूचना से स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन के सामने चुनौती पैदा हुई। बच्चों समेत कई लोगों को उपचार की जरूरत पड़ी, जबकि गंभीर मरीजों की विशेष निगरानी की गई। अब मरीजों की सेहत में सुधार और बीमारी के कारण का पता लगाना अहम है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दावत में परोसे गए भोजन में कोई समस्या थी या बीमारी की वजह कुछ और रही।