Rajasthan Crime: सवाई माधोपुर में युवती की हत्या के दोषी को उम्रकैद, फटा शादी का कार्ड बना अहम सबूत
सवाई माधोपुर। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में करीब तीन साल पहले घर में अकेली युवती की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय ने अजय सैनी को हत्या सहित तीन धाराओं में दोषी ठहराया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद, धारा 450 के तहत पांच साल और धारा 380 के तहत तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। विभिन्न धाराओं में कुल 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान मृतका का गायब मोबाइल और घटनास्थल पर मिला फटा हुआ शादी का कार्ड अहम साक्ष्य बने।
11 मई 2023 को हुई थी वारदात
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 11 मई 2023 की है। उस दिन युवती का पिता मजदूरी करने गया हुआ था और बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी अजय सैनी ने कथित तौर पर सिलबट्टे के पत्थर और चाकू से उस पर हमला कर दिया। हमले में युवती की मौत हो गई।घटना के बाद युवती का मोबाइल भी गायब मिला था। मामले में उसी दिन पुलिस थाने में हत्या, दुष्कर्म, चोरी और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी की संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार किया और जांच पूरी कर विशेष न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया।
गायब मोबाइल से मिली अहम कड़ी
मामले की जांच में युवती का गायब मोबाइल महत्वपूर्ण साक्ष्य बना। अभियोजन के अनुसार, पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मोबाइल उसके घर से बरामद किया। इससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली।अभियोजन पक्ष ने अदालत में मोबाइल की बरामदगी सहित अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य पेश किए। चूंकि मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, इसलिए घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की कड़ियों को जोड़ना महत्वपूर्ण रहा।
फटा शादी का कार्ड बना अहम सबूत
घटनास्थल पर युवती के शव के पास एक फटा हुआ शादी का कार्ड भी मिला था। अभियोजन के अनुसार, कार्ड पर लिखावट की जांच में उसका मिलान आरोपी के हस्तलेख से होने की बात सामने आई।इसके अलावा मोबाइल लोकेशन से संबंधित साक्ष्यों के आधार पर घटना के समय आरोपी की मौजूदगी उस क्षेत्र में होने की जानकारी भी अदालत के सामने रखी गई। अभियोजन पक्ष ने इन साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयान और दस्तावेज पेश किए।
25 गवाहों के बयान और 57 दस्तावेज पेश
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 25 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा 57 दस्तावेजी प्रदर्श और पांच वस्तुओं को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अजय सैनी को हत्या, घर में घुसने और चोरी से संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया। इसके बाद अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माने का आदेश दिया।
तीन धाराओं में सुनाई गई सजा
अदालत ने अजय सैनी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। धारा 450 के तहत पांच साल और धारा 380 के तहत तीन साल के कठोर कारावास का भी आदेश दिया गया।इसके साथ ही विभिन्न धाराओं में कुल 65 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इस फैसले के साथ वर्ष 2023 में हुई युवती की हत्या के मामले में अदालत ने अपना निर्णय सुनाया।