सीकर के अधिवक्ता संजू वर्मा घर से डिटेन, जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
सीकर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजस्थान में पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। सीकर जिले के रींगस क्षेत्र के निकट महरौली निवासी राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर के अधिवक्ता सुरेंद्र उर्फ संजू वर्मा ने आरोप लगाया है कि पुलिस उन्हें शुक्रवार सुबह घर से डिटेन कर ले गई। उनका कहना है कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। इसी बीच अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संगठन सह प्रभारी दीपक बालियान के घर भी पुलिस पहुंची थी। हालांकि, पुलिस ने बालियान को हिरासत में लेने से इनकार किया है।
घर से डिटेन किए जाने का संजू वर्मा ने लगाया आरोप
संजू वर्मा के अनुसार, वह 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान शुक्रवार सुबह रींगस पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई। वर्मा ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के लिए कहा गया।उन्होंने दावा किया कि प्रशासन आंदोलन में भाग लेने वाले लोगों को पहले ही रोकने की कोशिश कर रहा है। वर्मा के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित अन्य मुद्दों को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा।
पहले भी कई आंदोलनों में रहे सक्रिय
संजू वर्मा कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ने के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं। इससे पहले वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में भी उन्होंने भाग लिया था।
स्कूल निरीक्षण के दौरान हमले में घायल होने का दावा
21 अगस्त 2026 को रामपुर कंवरपुरा में स्कूल निरीक्षण के दौरान CJP सदस्यों पर हमले की घटना सामने आई थी। संजू वर्मा ने उस घटना के विरोध में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। बताया गया कि इस दौरान उनके हाथ में चोट लगी थी और हाथ टूट गया था। चोट के बावजूद वह आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े रहे।
मजदूर परिवार से आते हैं संजू वर्मा
संजू वर्मा के पिता महेंद्र कुमार वर्मा ईंट-भट्टों पर मजदूरी करते हैं। संजू स्वयं राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। उनके घर से डिटेन किए जाने की घटना के बाद प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, इस कार्रवाई के संबंध में रींगस पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
कठूमर में दीपक बालियान के घर भी पहुंची पुलिस
इसी घटनाक्रम के बीच अलवर जिले के कठूमर थाना क्षेत्र में CJP कार्यकर्ता दीपक बालियान के घर पुलिस पहुंची थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को पुलिस दल ने बालियान को दिल्ली में लागू निषेधाज्ञा और प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी।पुलिस के मुताबिक, बातचीत के दौरान कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हुई, लेकिन अधिकारियों ने समझाइश देकर मामला शांत करा दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि दीपक बालियान को हिरासत में लेकर थाने नहीं ले जाया गया। उन्हें परिजनों की मौजूदगी में घर पर ही छोड़ा गया। पुलिस के अनुसार, रात में उनका चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया।
प्रदर्शन से पहले पुलिस कार्रवाई पर चर्चा
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजस्थान के दो अलग-अलग इलाकों में पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है। संजू वर्मा ने उन्हें घर से ले जाने और प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने का आरोप लगाया है, जबकि कठूमर पुलिस ने दीपक बालियान को हिरासत में लेने की बात से इनकार किया है।दोनों घटनाओं में पुलिस और संबंधित लोगों के बयानों के बीच अंतर है। ऐसे में कार्रवाई की परिस्थितियों और आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित तथ्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।