श्रीगंगानगर में कचरा प्लांट के विरोध में आधी रात हाईवे जाम, हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन; वैकल्पिक जगह पर बनी सहमति
श्रीगंगानगर। नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के विरोध में चल रहा आंदोलन बुधवार रात बड़ा प्रदर्शन बन गया। महापंचायत के बाद हजारों ग्रामीण सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में श्रीगंगानगर की ओर रवाना हुए। पुलिस ने महियांवाली टोल नाके के पास काफिले को रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे पर धरना शुरू कर दिया। करीब चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। देर रात प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
महापंचायत के बाद श्रीगंगानगर कूच
नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित कचरा प्लांट के खिलाफ ग्रामीण करीब 175 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। बुधवार को इसी मुद्दे पर बड़ी महापंचायत आयोजित की गई। इसमें नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल भी पहुंचे।महापंचायत के बाद बेनीवाल ग्रामीणों के साथ करीब 100 वाहनों के काफिले में श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। पुलिस ने महियांवाली टोल नाके के पास काफिले को रोक दिया। इसके बाद ग्रामीण और समर्थक हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए।
हाईवे पर लगा लंबा जाम
काफिला रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे पर आवागमन रोक दिया। सड़क पर बड़ी संख्या में लोगों के बैठने से वाहनों की कतार लग गई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार जाम करीब चार घंटे तक रहा।स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, लेकिन शुरुआती दौर में सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद वार्ता का अगला दौर देर रात शुरू हुआ।
कचरा प्लांट को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित प्लांट उनके क्षेत्र और आसपास की आबादी के लिए समस्या पैदा कर सकता है। आंदोलनकारियों ने प्लांट की जगह बदलने की मांग की है।बेनीवाल ने महापंचायत में कहा कि ग्रामीणों की मांग के अनुसार मौजूदा स्थान पर प्लांट नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने प्लांट के संभावित प्रभावों को लेकर गोवंश, मानव जीवन और पर्यावरण से जुड़े सवाल उठाए। ये दावे आंदोलनकारियों और बेनीवाल की ओर से रखे गए हैं।
रात करीब 2 बजे प्रशासन पहुंचा मौके पर
हाईवे पर धरना जारी रहने के दौरान देर रात प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। करीब दो बजे श्रीगंगानगर के उपखंड अधिकारी नयन गौतम मौके पर पहुंचे।प्रशासन की ओर से प्रस्तावित कचरा प्लांट के लिए वैकल्पिक स्थानों पर दोबारा विचार करने का आश्वासन दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार इसके लिए कमेटी बनाकर दूसरी जगहों की संभावनाएं देखी जाएंगी।
आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
तीसरे दौर की बातचीत के बाद प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच सहमति बनी। प्रशासन ने मौजूदा प्रस्तावित स्थल के बजाय वैकल्पिक स्थान तलाशने और उस पर पुनर्विचार करने का भरोसा दिया।आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने महियांवाली टोल नाके पर चल रहा धरना स्थगित कर दिया। इसके बाद हाईवे से प्रदर्शनकारी हटने लगे और यातायात बहाल होने की प्रक्रिया शुरू हुई।
आंदोलन पूरी तरह खत्म या फिलहाल स्थगित?
फिलहाल आंदोलन को स्थगित किया गया है। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक जगह तलाशने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। कुछ रिपोर्टों के अनुसार इसके लिए करीब 45 दिन का समय मांगा गया है।इस बीच ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर रहेगी। यदि तय अवधि में वैकल्पिक स्थान को लेकर ठोस फैसला नहीं होता है, तो आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी भी सामने आई है।
पांच महीने से जारी है विरोध
नरसिंहपुरा बारानी क्षेत्र में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र को लेकर ग्रामीणों का विरोध कई महीनों से चल रहा है। इससे पहले भी महापंचायत, रैलियों और धरने के जरिए ग्रामीण प्रशासन के सामने अपनी मांग रख चुके हैं।अब देर रात हुई वार्ता के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक जगह पर विचार करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि वैकल्पिक स्थल को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच क्या सहमति बनती है।