KBC 18 के सेट पर फिसले अमिताभ बच्चन, घुटने में लगी चोट
‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के हालिया एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने अपनी चोट को लेकर जानकारी दी। शो की शुरुआत में वह इस बार हमेशा की तरह मंच पर खड़े नजर नहीं आए। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान वह फिसलकर गिर गए थे। इस दौरान उनके बाएं घुटने में चोट लगी। अमिताभ ने कहा कि चोट गंभीर नहीं है। हालांकि, उन्हें कुछ समय के लिए खड़े होने में परेशानी महसूस हो रही थी। इसी वजह से उन्होंने एपिसोड की शुरुआत बैठकर की। इसके बावजूद उन्होंने कंटेस्टेंट के साथ गेम को आगे बढ़ाया और पूरे एपिसोड की मेजबानी की।
शूटिंग के दौरान हुआ हादसा
अमिताभ बच्चन ने दर्शकों को बताया कि आमतौर पर वह शो का शुरुआती मोनोलॉग मंच के बीच खड़े होकर करते हैं। लेकिन चोट के कारण इस बार उन्हें अपना अंदाज बदलना पड़ा। उन्होंने बताया कि पिछले दिन शूटिंग के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया था। गिरने के बाद उनके घुटने में चोट आई। उन्होंने अपने बाएं घुटने की तरफ इशारा करते हुए चोट की जानकारी दी। अमिताभ की बात सुनकर स्टूडियो में मौजूद दर्शक चिंतित नजर आए।
खड़े होने में हो रही थी परेशानी
अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उनकी चोट गंभीर नहीं है। वह शो की शूटिंग करने में सक्षम थे। हालांकि, लंबे समय तक खड़े रहने में उन्हें परेशानी हो रही थी। इसलिए उन्होंने शुरुआती बातचीत बैठकर पूरी की। इसके बाद उन्होंने सामान्य रूप से कंटेस्टेंट का स्वागत किया। दर्शकों ने भी अमिताभ के जल्द ठीक होने की कामना की।
शौर्य दास ने जीते 25 लाख रुपए
एपिसोड में रोलओवर कंटेस्टेंट शौर्य दास ने अपना खेल जारी रखा। उन्होंने लगातार सही जवाब देकर 25 लाख रुपए की राशि तक पहुंच बनाई। इसके बाद उनके सामने 50 लाख रुपए का सवाल आया। सवाल का जवाब तय करने में उन्हें परेशानी हुई। उन्होंने जोखिम नहीं लिया और गेम छोड़ने का फैसला किया। शौर्य 25 लाख रुपए लेकर शो से बाहर हुईं।
50 लाख का सवाल और सही जवाब
50 लाख रुपए के लिए पूछा गया सवाल 1930 के दशक में लखनऊ यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी के डिजाइन से जुड़ा था। सवाल में पूछा गया कि संबंधित आर्किटेक्ट ने किस देश की राजधानी का डिजाइन तैयार किया था। विकल्पों में वेलिंगटन, कैनबरा, टोरंटो और ब्रासीलिया दिए गए थे। शौर्य ने गेम छोड़ने के बाद कैनबरा का अनुमान लगाया। यह जवाब सही था।
BDO बनना चाहती हैं शौर्य दास
शौर्य ने बताया कि वह फिलहाल अपने माता-पिता के साथ रहती हैं। वह किसी नौकरी में नहीं हैं और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने पहले UPSC की तैयारी की थी। अब वह स्टेट PSC परीक्षा पास करके ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर यानी BDO बनना चाहती हैं।
कैनबरा से जुड़ा है आर्किटेक्ट का इतिहास
कैनबरा के डिजाइन से जुड़े आर्किटेक्ट वॉल्टर बर्ली ग्रिफिन थे। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने 1913 में उन्हें कैनबरा की योजना तैयार करने का जिम्मा दिया था। बाद में उन्हें लखनऊ यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी के डिजाइन का काम भी मिला। वर्ष 1937 में लखनऊ में उनका निधन हुआ।