#क्राइम #राज्य-शहर

अजमेर टैक्सी चालक हत्याकांड का खुलासा, कर्ज में डूबे छोटे भाई ने बड़े भाई के साथ रची साजिश

अजमेर के गेगल थाना क्षेत्र में टैक्सी चालक श्रीकांत तिवारी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार गाजियाबाद के दो सगे भाइयों ने टैक्सी लूटने के इरादे से वारदात की साजिश रची थी। आरोपियों ने नोएडा से गुजरात के बड़ोदरा जाने के लिए श्रीकांत की टैक्सी बुक की। रास्ते में लूट का मौका नहीं मिलने पर दोनों वापस लौट आए। अजमेर के गेगल टोल के बाद बगरू के पास उन्होंने टैक्सी चालक पर हमला किया। विरोध करने पर पहले पत्थर से वार किया और फिर श्रीकांत के गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों भाइयों को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है।

नोएडा से बड़ोदरा के लिए बुक की थी टैक्सी

पुलिस के अनुसार गाजियाबाद के खोड़ा जमाईपुरा निवासी कौशल सिंह और सूरज सिंह ने टैक्सी चालक श्रीकांत तिवारी की कार नोएडा से गुजरात के बड़ोदरा के लिए बुक की थी।दोनों भाइयों का कथित उद्देश्य टैक्सी लूटना था। पुलिस के मुताबिक, श्रीकांत के सतर्क रहने के कारण उन्हें रास्ते में वारदात का मौका नहीं मिला।इसके बाद दोनों ने टैक्सी से वापस लौटने का फैसला किया। वे अजमेर होते हुए उदयपुर की तरफ जाने लगे।

गेगल टोल के बाद बगरू में रची वारदात

पुलिस के अनुसार अजमेर के गेगल टोल प्लाजा को पार करने के बाद तीनों रात करीब एक बजे एक ढाबे पर रुके। यहां उन्होंने चाय पी और इसके बाद आगे रवाना हुए।रास्ते में बगरू के पास दोनों भाइयों ने श्रीकांत के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक चालक ने लूट का विरोध किया।विरोध बढ़ने पर आरोपियों ने पहले पत्थर से श्रीकांत पर हमला किया। इसके बाद उसके गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

हादसा दिखाने के लिए कार को टकराया

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के अनुसार आरोपियों ने हत्या के बाद वारदात को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की।उन्होंने श्रीकांत के शव को कार की पिछली सीटों के बीच डाल दिया। इसके बाद कार को सड़क किनारे खड़ी पिकअप से टकराकर क्षतिग्रस्त कर दिया।आरोपियों ने इस तरह पुलिस को दुर्घटना की कहानी में उलझाने की कोशिश की। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को घटनाक्रम पर संदेह हुआ।

गगवाना पुलिया के पास मिला था शव

21 सितंबर की सुबह गेगल थाना क्षेत्र में गगवाना पुलिया के पास क्षतिग्रस्त कार में श्रीकांत तिवारी का शव मिला था।पुलिस ने वाहन और घटनास्थल की जांच की। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के दिबियापुर निवासी टैक्सी चालक श्रीकांत तिवारी के रूप में हुई।इसके बाद 22 सितंबर को हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

60 से ज्यादा CCTV कैमरों से बनाया रूट मैप

पुलिस ने मामले की जांच के लिए घटनास्थल और कार से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए। एफएसएल और एमओबी टीम ने मौके से जरूरी प्रिंट और अन्य साक्ष्य लिए।गेगल थाना पुलिस ने ब्यावर से बगरू तक 60 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।इसके अलावा ब्यावर, गेगल, किशनगढ़ और बगरू टोल प्लाजा के रिकॉर्ड और फुटेज का विश्लेषण किया गया। इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की आवाजाही का रूट मैप तैयार किया।

तीन दिन तक गाजियाबाद और नोएडा में निगरानी

रूट मैप तैयार करने के बाद पुलिस टीमों ने तीन दिन तक गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली में आरोपियों के स्थानीय संपर्क और गतिविधियों पर नजर रखी।पुलिस को आरोपियों के गाजियाबाद में होने की सूचना मिली। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से खोड़ा इलाके में दबिश दी गई।27 सितंबर को पुलिस ने कौशल सिंह और सूरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार दोनों ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की।

छोटे भाई पर था 6-7 लाख रुपये का कर्ज

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक छोटे भाई सूरज सिंह पर करीब 6 से 7 लाख रुपये का कर्ज था।पुलिस के अनुसार कर्ज चुकाने के लिए सूरज ने अपने बड़े भाई कौशल के साथ मिलकर टैक्सी लूटने की साजिश रची थी।दोनों कथित तौर पर टैक्सी को लूटकर गुजरात के अंकलेश्वर में बेचने की योजना बना रहे थे। लेकिन श्रीकांत के सतर्क रहने से नोएडा से बड़ोदरा तक उनकी योजना सफल नहीं हुई।

जीपीएस तोड़ने की कोशिश भी की

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपियों ने टैक्सी का GPS तोड़ने की कोशिश की। हालांकि वे इसमें कामयाब नहीं हो सके।इसके बाद दोनों शव को कार में छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों पर मृतक का मुख्य मोबाइल फोन और एक क्रेडिट कार्ड ले जाने का भी आरोप है।पुलिस ने क्रेडिट कार्ड आरोपियों के कब्जे से बरामद कर लिया है। अन्य सामान और वारदात से जुड़े साक्ष्यों की जांच जारी है।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

मामले के खुलासे में गेगल थाना पुलिस के साथ तकनीकी टीम और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।पुलिस कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी रोशन सामरिया ने किया। टीम में एएसआई देवकरण, कृष्ण कुमार, हेड कांस्टेबल पिंटू कुमावत, रामकमल, सिपाही महावीर मीणा, मोतीराम, रामसिंह और चालक कांस्टेबल दीपक सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस जांच में खुली हत्या की पूरी कहानी

टैक्सी चालक श्रीकांत तिवारी की मौत को शुरुआती तौर पर सड़क हादसे जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी। लेकिन CCTV फुटेज, टोल रिकॉर्ड, फोरेंसिक साक्ष्य और तकनीकी जांच से पुलिस आरोपियों तक पहुंची।पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे मुख्य उद्देश्य टैक्सी लूटना था। कर्ज में डूबे छोटे भाई ने बड़े भाई के साथ मिलकर कथित तौर पर यह साजिश रची।फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *