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Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान में पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट, 4 चरणों में होगी वोटिंग; 23 सितंबर को ऐलान का प्रस्ताव

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण से जुड़ी जानकारी का परीक्षण कर रहा है। सरकार की ओर से हाईकोर्ट में पेश प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 23 सितंबर को चुनाव की घोषणा और 28 सितंबर को अधिसूचना जारी की जानी है। पंचायत चुनाव के लिए मतदान चार चरणों में कराने का प्रस्ताव है। हालांकि, अंतिम तारीखों की पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना के बाद होगी।

4 चरणों में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी

राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराने की तैयारी है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव अलग-अलग चरणों में होंगे।इसके बाद पंच और सरपंच पदों के लिए भी चरणबद्ध मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को 15 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य हाईकोर्ट के सामने रखा गया है।

23 सितंबर को चुनाव की घोषणा का प्रस्ताव

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग 23 सितंबर को पंचायत चुनाव की घोषणा कर सकता है। इसके साथ ही चुनाव आचार संहिता लागू होने की प्रक्रिया शुरू होगी।इसके बाद 28 सितंबर को निर्वाचन अधिसूचना जारी करने का प्रस्ताव है। नामांकन प्रक्रिया अक्टूबर के शुरुआती दिनों में पूरी की जानी है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम आयोग की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा।

12 अक्टूबर से शुरू हो सकता है मतदान

सरकार की ओर से हाईकोर्ट में रखे गए प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार चार चरणों का मतदान 12 अक्टूबर, 22 अक्टूबर, 28 अक्टूबर और 2 नवंबर को कराया जा सकता है।वहीं कुछ रिपोर्टों में इन चरणों के मतदान दलों की रवानगी और अलग-अलग पदों के मतदान की तारीखों को अलग-अलग बताया गया है। इसलिए उम्मीदवारों और मतदाताओं को अंतिम अधिसूचना का इंतजार करना होगा।

जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव

राजस्थान में इस बार 41 जिला परिषदों और 457 पंचायत समितियों के लिए चुनाव होना है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव चार चरणों में कराया जाएगा।उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिला परिषद के 1,403 सदस्य और पंचायत समिति के 8,245 सदस्य चुने जाने हैं। इन चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल की तैयारी है।

14,403 ग्राम पंचायतों में भी चुनाव

प्रदेश में कुल 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए भी चुनाव होंगे। इनमें 14,403 सरपंच और करीब 1.30 लाख वार्ड पंच चुने जाएंगे।प्रस्तावित चुनाव व्यवस्था में सरपंच और पंच के लिए भी चार चरणों में मतदान कराया जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव का यह सबसे बड़ा हिस्सा होगा।

पंचायत चुनाव का पूरा प्रस्तावित गणित

पंचायती राज संस्थापद2026 में पद
जिला परिषदजिला प्रमुख41
जिला परिषदसदस्य1,403
पंचायत समितिप्रधान457
पंचायत समितिसदस्य8,245
ग्राम पंचायतसरपंच14,403
ग्राम पंचायतवार्ड पंचकरीब 1.30 लाख

इन चुनावों के बाद जिला प्रमुख, प्रधान और उपसरपंच समेत कुछ पदों पर निर्वाचन प्रक्रिया आगे की चरणबद्ध व्यवस्था के तहत होगी।

महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण

राजस्थान के पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। आरक्षण की प्रक्रिया के तहत जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान और ग्राम पंचायत स्तर के पदों की सीटें तय की जा रही हैं।हालिया आरक्षण प्रक्रिया में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों की लॉटरी पूरी हो चुकी है। इसके बाद दावेदारों को अपने-अपने क्षेत्र की आरक्षण स्थिति स्पष्ट हुई है।

आरक्षण लॉटरी के बाद बढ़ी चुनावी हलचल

पंचायत चुनाव से जुड़े आरक्षण की प्रक्रिया अब काफी आगे बढ़ चुकी है। जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी 23 सितंबर को कराए जाने की जानकारी सामने आई है।वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और पंच पदों की आरक्षण प्रक्रिया भी चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है। इससे चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों के समीकरण बदल गए हैं।

निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव पर नजर

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दलों का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। पंचायत चुनाव का आकार निकाय चुनाव की तुलना में काफी बड़ा है।करीब चार करोड़ मतदाताओं वाले इस चुनाव में हजारों ग्राम पंचायतों के साथ पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर भी सीधी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा होगी।

CM भजनलाल ने दिया ‘ट्रिपल इंजन’ का संदेश

पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भरतपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।मुख्यमंत्री ने करीब 1,100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए पंचायत स्तर तक विकास को गति देने का संदेश दिया। उन्होंने निकाय चुनाव में इस्तेमाल किए गए ‘ट्रिपल इंजन’ के विकास मॉडल को ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने की अपील भी की।भरतपुर के बयाना क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने करीब 453 करोड़ रुपए के 65 विकास कार्यों का लोकार्पण और 540 करोड़ रुपए के 184 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया। यह राजनीतिक संदर्भ में उनका चुनावी संदेश भी माना गया।

चुनाव कार्यक्रम का अंतिम ऐलान कब?

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल चुनाव की आधिकारिक घोषणा को लेकर है। प्रस्तावित कार्यक्रम में 23 सितंबर को घोषणा और 28 सितंबर को अधिसूचना की तारीख रखी गई थी।लेकिन चुनाव की अंतिम तारीखें तभी निश्चित मानी जाएंगी, जब राज्य निर्वाचन आयोग आधिकारिक कार्यक्रम जारी करेगा। इसलिए 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले चार चरणों के मतदान को अभी प्रस्तावित कार्यक्रम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

गांवों में बढ़ेगी चुनावी सरगर्मी

आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद अब संभावित प्रत्याशियों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पंचायत स्तर पर जनसंपर्क और स्थानीय बैठकों का दौर बढ़ने की संभावना है।भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल ग्राम पंचायत से लेकर जिला परिषद तक अपने संगठन को सक्रिय करने में जुटेंगे। अंतिम कार्यक्रम जारी होने के बाद चुनावी गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।

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Stv News Rajasthan

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