डूंगरपुर में एस्कोर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी, आरोपी गिरफ्तार; खातों में 20.65 लाख के संदिग्ध लेन-देन
डूंगरपुर साइबर थाना पुलिस ने एस्कोर्ट सर्विस के नाम पर कथित ऑनलाइन ठगी करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दोवड़ा क्षेत्र के जसपुर झापका निवासी पंकज पाटीदार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और 13,500 रुपए नकद बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोपी के बैंक खातों से 20 लाख 65 हजार 875 रुपए के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस के अनुसार आरोपी साल 2023 से साइबर ठगी से जुड़ा हुआ था।
बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन से खुला मामला
साइबर थाना पुलिस साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों और KYC दस्तावेजों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पंकज पाटीदार के बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन सामने आया।जांच में पुलिस को पता चला कि संबंधित बैंक खाते का संचालन आरोपी खुद कर रहा था। पुलिस के अनुसार साइबर ठगी से जुड़ी रकम का लेन-देन भी इसी खाते के माध्यम से किया जा रहा था।
एस्कोर्ट सर्विस के नाम पर लोगों को फंसाने का आरोप
पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि आरोपी फर्जी एस्कोर्ट सर्विस उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से संपर्क करता था।इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने लोगों को इस तरीके से निशाना बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।
मृत दादी के बैंक खाते का भी इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए आरोपी ने अपनी मृत दादी के बैंक खाते का भी इस्तेमाल किया।पुलिस का दावा है कि खाते में रकम आने के बाद आरोपी उसे निकालकर अपने खर्च और शौक पूरे करता था। जांच एजेंसी अब इस खाते से हुए लेन-देन और अन्य बैंक खातों के बीच हुए ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है।
20 लाख 65 हजार 875 रुपए के संदिग्ध लेन-देन
प्रारंभिक बैंकिंग जांच में आरोपी से जुड़े खातों में 20,65,875 रुपए के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है।यह रकम किस-किस व्यक्ति से आई और किन खातों में ट्रांसफर की गई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस संभावित पीड़ितों और अन्य साइबर अपराधों से आरोपी के संबंधों की भी जानकारी जुटा रही है।
साल 2023 से साइबर ठगी में शामिल होने की जानकारी
साइबर थाना पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के साल 2023 से साइबर ठगी में लिप्त होने की जानकारी सामने आई है।पुलिस अब पिछले वर्षों में उसके बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है। इससे साइबर ठगी की अन्य वारदातों से उसके संभावित संबंध सामने आ सकते हैं।
मोबाइल और 13,500 रुपए नकद बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा उसके पास से 13,500 रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं।मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के जरिए पुलिस साइबर ठगी से जुड़े संपर्कों, खातों और डिजिटल गतिविधियों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
ऑपरेशन एंटी-वायरस के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर के निर्देश पर जयपुर मुख्यालय की ओर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन एंटी-वायरस’ के तहत की गई।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे मंगलवार को न्यायालय में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बाद पुलिस रिमांड या अन्य कानूनी प्रक्रिया अदालत के आदेश के अनुसार आगे बढ़ेगी।
साइबर थाना टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में साइबर थानाधिकारी मुकेश कुमार, एएसआई छत्तर सिंह, कांस्टेबल मनोज कुमार, विशाल और प्रवीण शामिल रहे।टीम ने मोबाइल नंबर, KYC दस्तावेज और बैंकिंग लेन-देन की जांच के बाद आरोपी तक पहुंच बनाई। पुलिस अब मामले में जुड़े अन्य लोगों और संभावित साइबर अपराधों की जानकारी जुटा रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी
एस्कोर्ट सर्विस, नौकरी, निवेश या अन्य ऑनलाइन सेवाओं के नाम पर अनजान लोगों को पैसे भेजने से पहले पूरी जानकारी सत्यापित करना जरूरी है।किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक डिटेल, OTP, PIN या निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करना और आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करना महत्वपूर्ण है।