Rajasthan Politics: निकाय चुनाव के बाद ‘मिशन पंचायत’ पर BJP का फोकस, CM भजनलाल के ताबड़तोड़ दौरे बढ़े
राजस्थान में शहरी निकाय चुनावों के बाद अब राजनीतिक गतिविधियों का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। इन दौरों में विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ स्थानीय नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद भी हो रहा है। 24 सितंबर की राज-उन्नति बैठक में मुख्यमंत्री ने गांव, गरीब, युवा, महिलाओं और किसानों को विकास योजनाओं के केंद्र में बताया था। वहीं 26 सितंबर को प्रतापगढ़ दौरे के दौरान उदयपुर संभाग के सात जिलों में 924 करोड़ रुपए से अधिक के 1,452 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
भरतपुर और खैरथल-तिजारा दौरे पर नजर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 28 सितंबर के भरतपुर दौरे को लेकर तैयारियां की गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार बयाना क्षेत्र में जनसभा और विकास कार्यों के कार्यक्रम प्रस्तावित थे। वहीं खैरथल-तिजारा में भी मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर भाजपा संगठन ने तैयारियां की थीं।इन कार्यक्रमों के दौरान विकास कार्यों के साथ स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक संवाद भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इसे सीधे तौर पर किसी चुनावी रणनीति का आधिकारिक नाम नहीं दिया गया है।
ग्रामीण विकास पर सरकार का जोर
24 सितंबर को हुई राज-उन्नति की 9वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसान राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं के केंद्र में हैं।बैठक में करीब 15 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और बिजली से जुड़े काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
अटल प्रगति पथ पर सरकार का फोकस
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर करने के लिए अटल प्रगति पथ योजना की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 के शेष कार्य और वर्ष 2026-27 के पहले चरण के प्रगतिरत कार्यों को नवंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।इसके अलावा 2026-27 के दूसरे चरण के काम जल्द शुरू करने को कहा गया। सरकार का कहना है कि इन सड़कों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी।
पंचायत मुख्यालयों पर अटल ज्ञान केंद्र
ग्रामीण युवाओं के लिए पंचायत मुख्यालयों पर अटल ज्ञान केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार पहले चरण में 2,052 केंद्र स्वीकृत किए गए हैं।इनमें से 628 केंद्र पूरे हो चुके हैं। बाकी केंद्रों पर काम जारी है। दूसरे चरण में 3,000 अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जाने हैं। इनमें से 1,000 केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है।इन केंद्रों में लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी, ई-मित्र और ऑनलाइन सेवाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
2029 तक ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास
राज-उन्नति बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वर्ष 2029 तक सभी पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम करने के निर्देश दिए।दिसंबर 2026 तक प्रगतिरत आवासों को पूरा करने और लाभार्थियों को समय पर किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
26 सितंबर को 924 करोड़ के विकास कार्य
26 सितंबर को प्रतापगढ़ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उदयपुर संभाग के सात जिलों में 924 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।इनमें 256 करोड़ रुपए के 423 कार्यों का लोकार्पण और 668 करोड़ रुपए के 1,029 कार्यों का शिलान्यास शामिल था। सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई, स्कूल और स्वास्थ्य से जुड़े कार्य इसमें शामिल रहे।
विकास कार्यक्रमों के साथ कार्यकर्ताओं से संवाद
मुख्यमंत्री के हालिया दौरों में सरकारी कार्यक्रमों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद भी देखने को मिला है।26 सितंबर को प्रतापगढ़ के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने उदयपुर में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्टों में इस बैठक को आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा गया।हालांकि, पार्टी की ओर से इसे आधिकारिक रूप से ‘मिशन पंचायत’ नाम दिए जाने की पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों में नहीं मिली है।
हालिया दौरों का सिलसिला
मुख्यमंत्री का हालिया कार्यक्रम लगातार जिलों तक पहुंचने वाला रहा है। 22 सितंबर को जैतारण और रामदेवरा का दौरा हुआ। 24 सितंबर को बीकानेर समेत अन्य कार्यक्रमों के बाद 26 सितंबर को प्रतापगढ़ और उदयपुर का दौरा हुआ।इन कार्यक्रमों में विकास योजनाओं, जनसंवाद और संगठनात्मक बैठकों का मिश्रण देखने को मिला है।
पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण इलाकों पर नजर
शहरी निकाय चुनावों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण हो रहे हैं। पंचायत और जिला परिषद स्तर की राजनीति में स्थानीय संगठन, विकास कार्य और जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम रहती है।ऐसे में मुख्यमंत्री के लगातार जिलावार दौरे सरकार के विकास एजेंडे को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का माध्यम भी बन रहे हैं। वहीं पार्टी संगठन के लिए ये दौरे स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संवाद का अवसर दे रहे हैं।