उदयपुर में 5 साल का विजन: झीलों की सफाई से नाइट बाजार तक, महापौर पारस सिंघवी का प्लान
उदयपुर नगर निगम के नए बोर्ड के साथ शहर के विकास को लेकर महापौर पारस सिंघवी ने अपना विजन सामने रखा है। महापौर ने पहले 100 दिनों में झील संरक्षण, सीवर समस्या के स्थायी समाधान, सड़कों के पेचवर्क और डामरीकरण के साथ पार्किंग व सफाई व्यवस्था सुधारने को प्राथमिकता बताया है। पांच साल के कार्यकाल में स्वच्छता रैंकिंग बेहतर करने, नाइट बाजार विकसित करने और कम दर पर मांगलिक आयोजनों के लिए शेड उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा पात्र लोगों को नियमानुसार पट्टे दिलाने और निगम की सेवाओं को ऑनलाइन करने पर भी जोर रहेगा।
100 दिनों में झीलों और सीवर व्यवस्था पर फोकस
महापौर पारस सिंघवी ने झीलों का संरक्षण और सफाई अपनी पहली प्राथमिकता बताई है। उनका कहना है कि झीलों में सीवर का पानी जाने की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।इसके साथ ही शहर की सड़कों पर पेचवर्क और डामरीकरण कराया जाएगा। गार्डन, डिवाइडर और महापुरुषों की प्रतिमा स्थलों को व्यवस्थित करने के साथ उनकी नियमित सफाई पर भी ध्यान दिया जाएगा।
पार्किंग व्यवस्था सुधारने का दावा
पुराने शहर और पर्यटन क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या लंबे समय से चर्चा में रही है। महापौर के अनुसार निगम शहर की मौजूदा पार्किंग व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करेगा।उन्होंने चांदपोल पार्किंग की बंद लिफ्ट को दोबारा शुरू कराने की बात कही। इसके अलावा जरूरत के अनुसार नए स्थानों को पार्किंग के तौर पर विकसित करने की योजना भी बताई।
व्यापारियों से संवाद के जरिए अतिक्रमण का समाधान
व्यापारिक क्षेत्रों में अतिक्रमण को लेकर महापौर ने व्यापारियों के साथ संवाद की नीति अपनाने की बात कही है।उनके अनुसार व्यापारियों के साथ बैठक कर ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे कारोबार और आम लोगों की आवाजाही दोनों प्रभावित न हों। अस्थायी अतिक्रमण को व्यवस्थित करने पर भी जोर रहेगा।महापौर का कहना है कि समाधान बातचीत और व्यवस्था के जरिए निकाला जाएगा।
यूडी टैक्स से निगम की आय बढ़ाने की तैयारी
नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए महापौर ने यूडी टैक्स को प्रमुख राजस्व स्रोत बताया है। उनके अनुसार कई लोग अभी यूडी टैक्स जमा नहीं करा रहे हैं।निगम की कोशिश लोगों से समझाइश कर अधिक से अधिक टैक्स जमा कराने की होगी। इससे निगम के राजस्व में बढ़ोतरी हो सकती है और विकास कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
निगम की सेवाएं ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने पर जोर
निर्माण स्वीकृति, ट्रेड लाइसेंस, नामांतरण और जन्म प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए लोगों को निगम के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इस दिशा में काम करने की बात महापौर ने कही है।उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से काम करने के लिए पाबंद करने की बात कही। साथ ही निगम की प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने और भ्रष्टाचार रोकने पर जोर देने की बात कही है।
नए जुड़े वार्डों में पानी की समस्या का समाधान
महापौर ने नगर निगम में नए जुड़े वार्डों में पेयजल समस्या का भी जिक्र किया। उनके अनुसार कई क्षेत्रों में अभी पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।ऐसे क्षेत्रों के लिए डीपीआर तैयार कर सरकार को भेजने और आवश्यक बजट स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद पाइपलाइन से जुड़े काम कराने की योजना है।
विपक्षी पार्षदों से विकास के मुद्दे पर सहयोग की बात
उदयपुर नगर निगम में भाजपा के पास बहुमत है। इसके बावजूद महापौर ने कहा कि शहर के विकास में किसी क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।उन्होंने सभी क्षेत्रों में विकास कार्य कराने की बात कही। साथ ही विपक्षी पार्षदों के सहयोग की उम्मीद जताई। उनका कहना है कि विकास के मामलों में सभी पार्षदों को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास रहेगा।
पांच साल में स्वच्छता रैंकिंग सुधारने का लक्ष्य
महापौर पारस सिंघवी ने पांच साल के कार्यकाल में उदयपुर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार को भी प्रमुख लक्ष्य बताया है।इसके लिए शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के साथ नियमित निगरानी और व्यवस्थाओं में सुधार पर जोर रहेगा। उदयपुर पर्यटन शहर होने के कारण स्वच्छता को शहर की छवि से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
शहर में नाइट बाजार विकसित करने की योजना
महापौर ने उदयपुर में नाइट बाजार विकसित करने की योजना भी सामने रखी है। इसके लिए शहर के बीच ऐसा स्थान चुने जाने की बात कही गई है, जहां लोगों की आसान पहुंच हो।साथ ही नाइट बाजार में कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखने की बात कही गई है। इससे स्थानीय व्यापार और शहर की रात्रिकालीन गतिविधियों को नया प्लेटफॉर्म मिलने की योजना है।
मांगलिक आयोजनों के लिए 5 हजार वर्गफीट का शेड
आम लोगों के लिए कम लागत में मांगलिक और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी बताई गई है।महापौर के अनुसार करीब 5 हजार वर्गफीट का शेड तैयार करवाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें लोग अपेक्षाकृत कम दर पर शादी, सामाजिक और अन्य कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।
पात्र लोगों को नियमानुसार पट्टे दिलाने का लक्ष्य
शहर के कई इलाकों में पट्टों से जुड़ी समस्याओं का भी महापौर ने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो लोग नियमानुसार पट्टे के हकदार हैं, उन्हें प्रक्रिया के तहत पट्टे दिलाने का प्रयास किया जाएगा।इससे लंबे समय से पट्टे की समस्या का सामना कर रहे पात्र लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि प्रत्येक मामले में संबंधित नियमों और दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पांच साल में बदली व्यवस्था का विजन
महापौर के विजन में झील संरक्षण से लेकर सफाई, पार्किंग, सड़क, पेयजल और डिजिटल सेवाओं तक कई मुद्दे शामिल हैं।पहले 100 दिनों में प्राथमिक समस्याओं पर काम करने के बाद पांच साल में शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है। अब इन घोषणाओं को जमीन पर लागू करना नए नगर निगम बोर्ड के सामने अहम चुनौती होगी।