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कहीं एक वोट से जीत, कहीं 50 वोट का अंतर… नागौर-डीडवाना-कुचामन में निकाय अध्यक्ष चुनाव के दिलचस्प नतीजे

राजस्थान के नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों में शहरी निकायों के सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम सामने आ गए हैं। दोनों जिलों के 17 निकायों में भाजपा ने 7, कांग्रेस ने 8, आरएलपी ने 1 और निर्दलीय प्रत्याशी ने 1 निकाय में अध्यक्ष पद जीता। नागौर जिले के 9 निकायों में भाजपा को 4 और कांग्रेस को 3 निकाय मिले। वहीं मूंडवा में आरएलपी और रियांबड़ी में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। डीडवाना-कुचामन के 8 निकायों में कांग्रेस ने 5 और भाजपा ने 3 अध्यक्ष पद जीते।

नागौर में भाजपा ने 4, कांग्रेस ने 3 निकाय जीते

नागौर जिले के परिणामों में सबसे बड़ा अंतर नागौर नगर परिषद के सभापति चुनाव में देखने को मिला। भाजपा की संतोष टाक ने कांग्रेस के दीपक सैनी को 50 वोट के बड़े अंतर से हराया। संतोष टाक को 55 और दीपक सैनी को 5 वोट मिले।वहीं मूंडवा में मुकाबला बेहद करीबी रहा। आरएलपी की अलका कंदोई ने 13 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे घनश्याम सदावत को 12 वोट मिले। अलका कंदोई ने महज एक वोट से जीत दर्ज की।

नागौर जिले के 9 निकायों का रिजल्ट

निकायविजेतापार्टीवोटनिकटतम प्रतिद्वंद्वीवोट
नागौर नगर परिषदसंतोष टाकभाजपा55दीपक सैनी5
जायल नगर पालिकाकमलेश लोमरोड़कांग्रेस15सुशीला लोमरोड़10
मूंडवा नगर पालिकाअलका कंदोईRLP13घनश्याम सदावत12
बासनी नगर पालिकाशौकत अलीकांग्रेस27RLP प्रत्याशी13
कुचेरा नगर पालिकातेजपाल मिर्धाकांग्रेस13अजयपाल12
मेड़ता सिटी नगर पालिकाकंचन देवी सांखलाभाजपा27नाज परवीन12
रियांबड़ी नगर पालिकासुनील चौहाननिर्दलीय13जगदीश माली7
मेड़ता रोड नगर पालिकातुलसी देवीभाजपा15पूजा8
डेगाना नगर पालिकाराधाकिशन बिंदाभाजपागिरधारी मुंडेल

डीडवाना-कुचामन में कांग्रेस के 5 अध्यक्ष

डीडवाना-कुचामन जिले के 8 निकायों में कांग्रेस ने 5 अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के खाते में 3 निकाय आए। यहां सबसे करीबी मुकाबलों में से एक परबतसर में रहा, जहां भाजपा के श्रीभगवान बंग ने 13 वोट लेकर बजरंगलाल को 12 वोट पर रोक दिया।वहीं मकराना में कांग्रेस के रियाज गौड़ ने 36 वोट हासिल किए और हारून रशीद को 24 वोट मिले। लाडनूं में कांग्रेस के प्रवीण ने 25 वोट लेकर निर्मला देवी के 20 वोटों को पीछे छोड़ा।

डीडवाना-कुचामन के 8 निकायों का रिजल्ट

निकायविजेतापार्टीवोटनिकटतम प्रतिद्वंद्वीवोट
डीडवाना नगर परिषदभंवरलाल पंवारभाजपा24कांग्रेस प्रत्याशी16
कुचामन सिटी नगर परिषदमहेश रामचंद्रकाभाजपा25आरिफ20
मकराना नगर परिषदरियाज गौड़कांग्रेस36हारून रशीद24
लाडनूं नगर पालिकाप्रवीणकांग्रेस25निर्मला देवी20
बोरावड़ नगर पालिकामनफूल देवीकांग्रेस13संजू देवी12
नावां शहर नगर पालिकाकविता कुमारीकांग्रेस16पूजा कुमारी9
परबतसर नगर पालिकाश्रीभगवान बंगभाजपा13बजरंगलाल12
खाटू खुर्द नगर पालिकाराजूराम मेघवालकांग्रेस12विमला8

17 निकायों में किस पार्टी का कितना कब्जा?

दोनों जिलों को मिलाकर कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 8 निकायों में अध्यक्ष पद जीता। भाजपा 7 निकायों के साथ दूसरे स्थान पर रही। आरएलपी और निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक निकाय में जीत दर्ज की।

पार्टीनागौरडीडवाना-कुचामनकुल
भाजपा437
कांग्रेस358
RLP101
निर्दलीय101
कुल9817

मूंडवा और रियांबड़ी के नतीजे रहे खास

नागौर जिले में मूंडवा का परिणाम खास तौर पर चर्चा में रहा। यहां RLP की अलका कंदोई ने लगातार दूसरी बार पालिकाध्यक्ष का पद हासिल किया। उन्होंने भाजपा के बागी निर्दलीय घनश्याम सदावत को सिर्फ एक वोट से हराया।रियांबड़ी में निर्दलीय सुनील चौहान ने 13 वोट लेकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी जगदीश माली को 7 वोट मिले। इस तरह नागौर जिले में भाजपा और कांग्रेस के अलावा RLP और निर्दलीय प्रत्याशी भी बोर्ड की कमान हासिल करने में सफल रहे।

करीबी मुकाबलों से बड़े अंतर तक बदली तस्वीर

इन चुनाव परिणामों में वोटों के अंतर ने भी स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की तस्वीर दिखाई। मूंडवा में जीत का अंतर सिर्फ एक वोट रहा, जबकि नागौर नगर परिषद में भाजपा की संतोष टाक ने 50 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।वहीं बोरावड़ और कुचेरा में भी मुकाबला करीबी रहा। बोरावड़ में कांग्रेस की मनफूल देवी को 13 और संजू देवी को 12 वोट मिले। कुचेरा में कांग्रेस के तेजपाल मिर्धा ने 13 वोट लेकर अजयपाल के 12 वोटों को पीछे छोड़ा।

अब बोर्ड गठन और स्थानीय समीकरणों पर नजर

अध्यक्ष और सभापति के चुनाव परिणाम आने के बाद अब दोनों जिलों में स्थानीय निकायों की राजनीति की तस्वीर स्पष्ट हो गई है। 17 निकायों में अलग-अलग दलों को मिली जीत के बाद बोर्ड गठन और स्थानीय स्तर पर सत्ता संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।जहां मुकाबले बेहद करीबी रहे हैं, वहां पार्षदों के समर्थन और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। अब निर्वाचित अध्यक्षों के सामने अपने-अपने निकायों में विकास और प्रशासनिक कामकाज आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

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Stv News Rajasthan

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