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खैरथल में बोर्ड गठन से पहले व्यापारियों का बड़ा ऐलान, 19 से 21 सितंबर तक मंडी बंद

राजस्थान के खैरथल नगर परिषद में बोर्ड गठन से पहले राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। सभापति पद के चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी खींचतान के बीच अब व्यापारियों ने भी विरोध का ऐलान किया है। शहर के प्रमुख बाजार शनिवार को बंद रहे। वहीं कृषि उपज मंडी के व्यापारियों ने 19 से 21 सितंबर तक मंडी पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया है। व्यापारियों ने पुलिस कार्रवाई और चुनावी विवाद में व्यापारियों के नाम सामने आने पर नाराजगी जताई है। खैरथल में सभापति पद का चुनाव 21 सितंबर को होना है।

खैरथल में 45 वार्ड, बहुमत के लिए 23 पार्षद जरूरी

खैरथल नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं। 14 सितंबर को घोषित चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने 20, भाजपा ने 8 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की।

सभापति बनाने के लिए 23 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में चुनाव परिणाम के बाद निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई। हालांकि, चुनाव के बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने शुरुआती समीकरणों में बदलाव कर दिया है।

विक्रम चौधरी के भाजपा में जाने से बदले समीकरण

चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस से जुड़े रहे विक्रम सिंह चौधरी के भाजपा में शामिल होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया।

वहीं कांग्रेस ने अपने चुनावी उम्मीदवार ओमप्रकाश रोघा को सभापति पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। दोनों खेमे अब पार्षदों के समर्थन को लेकर सक्रिय हैं। सभापति चुनाव से पहले निर्दलीय पार्षदों की स्थिति पर भी राजनीतिक दलों की नजर है।

पार्षदों के कथित अपहरण को लेकर विवाद

सभापति चुनाव से पहले कुछ निर्वाचित पार्षदों को कथित तौर पर जबरन ले जाने के आरोपों ने विवाद को और बढ़ा दिया है। वार्ड नंबर 3 से निर्वाचित कांग्रेस पार्षद रामधन के मामले में उनके परिजनों की ओर से शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है,

शिकायत में कांग्रेस सभापति प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा समेत कुछ अन्य लोगों पर आरोप लगाए जाने की बात कही गई है। वार्ड 20 से जुड़े एक अन्य मामले में भी पार्षद को जबरन वाहन में ले जाने के आरोप सामने आए हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।

आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी

पार्षदों से जुड़े मामलों को लेकर भाजपा और कांग्रेस खेमे के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। हालांकि, कथित अपहरण या जबरन ले जाने के आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

मामलों में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ आरोपों को अभी जांच के स्तर पर ही देखा जा रहा है। चुनावी विवाद के बीच पुलिस कार्रवाई को लेकर भी व्यापारिक संगठनों में नाराजगी सामने आई है।

प्रमुख बाजारों में बंद रहा कारोबार

व्यापारियों के आह्वान पर शनिवार को खैरथल के कई प्रमुख बाजार बंद रहे। अनाज मंडी, सब्जी मंडी, किराना यूनियन, कन्फेक्शनरी, रेडीमेड गारमेंट्स, बर्तन यूनियन और चूड़ी मार्केट समेत कई व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

इसके अलावा तिरंगा मार्केट और 40 फुटा रोड क्षेत्र में भी कारोबार प्रभावित रहा। व्यापारियों का कहना है कि चुनावी विवाद के बीच व्यापारियों पर दबाव या अनावश्यक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

19 से 21 सितंबर तक मंडी बंद रखने का फैसला

खैरथल कृषि उपज मंडी के व्यापारियों ने बैठक कर 19, 20 और 21 सितंबर को मंडी बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके चलते इन तीन दिनों में मंडी में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रहेंगी।

व्यापारियों के अनुसार यह फैसला पुलिस कार्रवाई और चुनावी विवाद के बीच व्यापारियों की नाराजगी के चलते लिया गया है। मंडी बंद रहने से किसानों और व्यापारियों की गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।

मॉक ड्रिल को लेकर भी व्यापारियों ने उठाए सवाल

शुक्रवार को खैरथल अनाज मंडी परिसर में हुई मॉक ड्रिल भी चर्चा में रही। कुछ व्यापारियों और किसानों ने सभापति चुनाव से ठीक पहले मंडी में मॉक ड्रिल आयोजित किए जाने को लेकर सवाल उठाए।

व्यापारियों का कहना था कि इससे मंडी में आने वाले लोगों के बीच आशंका का माहौल बना। हालांकि मॉक ड्रिल का उद्देश्य प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियों का अभ्यास होता है। शनिवार को बाजार बंद के दौरान अनाज मंडी और रेलवे फाटक के पास पुलिस वाहनों की गश्त भी दिखाई दी।

21 सितंबर को होगा सभापति का चुनाव

खैरथल नगर परिषद के सभापति पद के लिए 21 सितंबर को चुनाव होना है। 45 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा 23 है।

चुनाव परिणाम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी। इसके बाद हुए राजनीतिक बदलावों से मुकाबले के समीकरण बदल गए हैं। अब दोनों प्रमुख दल अपने-अपने प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

बाजार बंद और सियासी घमासान के बीच नजर चुनाव पर

खैरथल में सभापति चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियों के साथ व्यापारिक संगठनों का विरोध भी सामने आ गया है। बाजार बंद और मंडी बंद के फैसले से स्थानीय कारोबार प्रभावित होने की स्थिति बनी है।

अब सभी की नजर 21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव पर है। इसी दिन परिषद की कमान को लेकर तस्वीर स्पष्ट होगी और मौजूदा राजनीतिक खींचतान का अगला अध्याय भी सामने आएगा।

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Stv News Rajasthan

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