किशाऊ बांध परियोजना पर बड़ा समझौता, राजस्थान समेत 6 राज्यों ने किया MoU; पेयजल-सिंचाई को मिलेगा लाभ
किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना को लेकर केंद्र और छह राज्यों के बीच अहम समझौता हुआ है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में परियोजना के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली इस समझौते में शामिल हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे राज्यों के बीच सहयोग की बड़ी मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लंबे समय से अटकी जल परियोजनाओं का समाधान राज्यों की सहमति से हो रहा है। किशाऊ परियोजना से राजस्थान सहित छह राज्यों में पेयजल, सिंचाई और अन्य जरूरतों के लिए जल उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
अमित शाह की अध्यक्षता में हुआ समझौता
किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के लिए मंगलवार को नई दिल्ली में समझौता हुआ। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के साथ राजस्थान और पांच अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने MoU पर हस्ताक्षर किए। समझौते में राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली शामिल हैं।
राजस्थान समेत 6 राज्यों की भागीदारी
किशाऊ परियोजना का लाभ कई राज्यों तक पहुंचने की उम्मीद है। समझौते के तहत संबंधित राज्यों के बीच जल उपयोग और परियोजना से जुड़े मुद्दों पर समन्वय का रास्ता मजबूत होगा।
राजस्थान के लिए भी यह परियोजना जल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि परियोजना से पेयजल और सिंचाई जैसी आवश्यकताओं के लिए जल उपलब्धता को मजबूती मिलेगी।
CM भजनलाल ने PM मोदी और अमित शाह का जताया आभार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास’ के विजन के तहत राज्यों के बीच सहमति से लंबे समय से लंबित परियोजनाओं का समाधान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने किशाऊ परियोजना को राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
‘दशकों से अटकी परियोजनाओं का हो रहा समाधान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में राज्यों के बीच आपसी सहमति से कई पुरानी जल परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान को हाल के वर्षों में यमुना जल समझौता, रामजल सेतु लिंक परियोजना और नर्मदा जल समझौते जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लाभ मिला है। किशाऊ बांध परियोजना को भी उन्होंने इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पेयजल और सिंचाई के लिए मिलेगा पानी
सरकार के अनुसार किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना से राजस्थान सहित छह राज्यों में सिंचाई और पेयजल जैसी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
जल उपलब्धता बढ़ने से कृषि क्षेत्र और अन्य आवश्यकताओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि बेहतर जल प्रबंधन से संबंधित राज्यों में विकास की प्रक्रिया को गति मिल सकती है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण बताया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जल समझौतों को आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा केवल वर्तमान जरूरतों से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं से भी इसका सीधा संबंध है।
उनके मुताबिक किशाऊ बांध परियोजना जैसे समझौते राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ जल संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद करेंगे।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में रहे मौजूद
बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद रहे।
इसके अलावा संबंधित राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। समझौते के बाद अब परियोजना से जुड़े अगले चरणों और राज्यों के बीच समन्वय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।