Rajasthan Police Alert: रुपयों के लालच में बर्बाद न करें भविष्य, 650 से ज्यादा म्यूल अकाउंट होल्डर्स गिरफ्तार
राजस्थान में साइबर ठगी के मामलों के बीच पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट को लेकर युवाओं को चेतावनी दी है। पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे खाताधारक भी अब पुलिस की जांच के दायरे में आ रहे हैं। राजस्थान पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 2026 में अब तक 82,400 से ज्यादा संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई है। इस कार्रवाई में 723 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हुईं और 650 से अधिक खाताधारक व एजेंट गिरफ्तार किए गए हैं।
82,400 से ज्यादा म्यूल खातों की पहचान
राजस्थान पुलिस की साइबर सेल ने वर्ष 2026 में राज्यभर में 82,400 से ज्यादा ऐसे बैंक खातों की पहचान की है। पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर या घुमाने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने इन मामलों में 723 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं। इसके अलावा 650 से अधिक खाताधारकों और एजेंटों की गिरफ्तारी की गई है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य साइबर ठगी के नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों पर रोक लगाना है।
ठगी की रकम जिस खाते में पहुंची, खाताधारक जांच के घेरे में
साइबर ठगी के मामले में अब बैंक खाते की भूमिका को भी गंभीरता से देखा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, जिस खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर होती है, उसके खाताधारक तक भी जांच पहुंचती है।
ऐसे मामलों में खाताधारक की भूमिका जानबूझकर अपराध में शामिल होने की थी या नहीं, यह जांच का विषय होता है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के कारण खाताधारक कानूनी प्रक्रिया में फंस सकता है। इससे उसका नाम पुलिस रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया में आ सकता है।
कुछ हजार रुपये के लालच में दांव पर लग सकता है करियर
साइबर अपराधी कई बार युवाओं को कुछ हजार रुपये देने का लालच देकर बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम इस्तेमाल करने के लिए मांगते हैं। इसके बाद उसी खाते में साइबर ठगी की रकम पहुंचाई जाती है।
ऐसे मामलों में खाताधारक को कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने युवाओं को सलाह दी है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम या यूपीआई से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। थोड़े से आर्थिक लालच के कारण भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
अगर खाता गलत तरीके से इस्तेमाल हुआ है तो तुरंत करें सूचना
अगर किसी व्यक्ति को पता चलता है कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध में हो रहा है, तो उसे तुरंत बैंक से संपर्क करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर खाते को ब्लॉक या बंद करवाने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
इसके साथ ही पुलिस को भी इसकी जानकारी देनी चाहिए। समय पर सूचना देने से जांच एजेंसियों को संदिग्ध लेनदेन और साइबर अपराध के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
साइबर फ्रॉड होने पर 1930 पर करें शिकायत
राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोगों से तुरंत शिकायत करने की अपील की है। साइबर फ्रॉड होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा राजस्थान पुलिस की ओर से दिए गए व्हाट्सऐप नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी शिकायत की जा सकती है।
पुलिस का संदेश साफ है कि बैंक खाते को किसी अनजान व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए देना भारी पड़ सकता है। कुछ हजार रुपये के लालच में म्यूल अकाउंट बनना भविष्य के लिए बड़ी कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है।